पीएम स्वनिधि योजना में देश में तीसरे स्थान पर UP, प्रथम आने में बाधा बने 14 जिले

Smart News Team, Last updated: Fri, 2nd Jul 2021, 8:03 AM IST
  • पीएम स्वनिधि योजना में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर काम करने वालों को पुरस्कृत किया जाना है. लेकिन 14 जिलों की लापरवाही के चलते यूपी राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर आ गया है. इसे पहले स्थान पर लाने के लिए संबंधित जिलों को कार्य योजना बनाकर कर्ज देने के लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है.
पीएम स्वनिधि योजना में देश में यूपी को पहला स्थान दिलाने में 14 जिले बने बाधा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लखनऊ. पीएम स्वनिधि योजना में उत्तर प्रदेश के 14 जिले राज्य को पहला स्थान दिलाने में बाधा बने हुए है. इस योजना के तहत पटरी दुकानदारों को दस हजार रुपये का कम ब्याज पर कर्ज दिया जा रहा है. लेकिन यूपी के अधिकतर जिलों में कर्ज लेने के लिए रजिस्ट्रेशन होने के बाद जिलों की लापरवाही के चलते पात्रों को कर्ज नहीं मिल पा रहा है. राज्य शहरी आजीविका मिशन निदेशालय ने इस पर आपत्ति जताते हुए संबंधित जिलों के डीएम को पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने निर्देश दिया है कि फिसड्डी जिले कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य को पूरा करके यूपी को पहला स्थान दिलाएं.

केंद्र सरकार ने कोरोना काल में पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की थी. कोरोना काल के दौरान पटरी दुकानदारों को हुए नुकसान और खराब स्थिति को सुधारने के लिए यह योजना शुरु की गई थी. पीएम स्वनिधि योजना में पटरी दुकानदारों को 10 हजार रुपये का कम ब्याज पर कर्ज दिया जा रहा है. लेकिन कुछ जिलों की लापरवाही से पात्र कर्ज प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं. प्रदेश में 14 जिले ऐसे है जो लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रहे है. इनमें गाजियाबाद, फिरोजाबाद, बरेली, मेरठ, फतेहपुर, मथुरा, अलीगढ़, कानपुर नगर, अयोध्या, बलिया, बाराबंकी, कुशीनगर, हमीरपुर और बिजनौर शामिल हैं.

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इस योजना के तहत पात्रों को कर्ज न मिलने का मुख्य कारण निकाय के अफसरों की लापरवाही है. जिसके चलते निकायों में ऑनलाइन आवेदन होने के बावजूद बैंक वाले पात्रों को कर्ज नहीं दे रहे है. इसके अलावा कुछ स्थानों पर निकायों की ओर से कर्ज संबंधित पेपर को भेजने के बाद भी बैंकों की ओर से कर्ज नहीं दिया जा रहा है. जिस कारण पटरी दुकानदारों को कर्ज स्वीकृत होने के बाद भी प्राप्त नहीं हो पा रहा है.

राज्य मिशन के अपर निदेशक आलोक सिंह ने संबंधित जिलों के डीएम को पत्र लिखकर उनसे कहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर पीएम स्वनिधि योजना में बेहतर काम करने वालों को पुरस्कृत किया जाना है. लेकिन संबंधित जिलों की लापरवाही से राष्ट्रीय स्तर पर यूपी तीसरे स्थान पर आ गया है. इस कारण कर्ज देने के लक्ष्य को पूरा किया जाए, ताकि यूपी को पहला स्थान मिल सके.

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