HC के गिरफ्तारी पर रोक लगाने के इनकार के बाद शायर मुनव्वर राना की तबीयत बिगड़ी

Ankul Kaushik, Last updated: Fri, 3rd Sep 2021, 4:09 PM IST
  • महर्षि वाल्मीकि पर टिप्पणी मामले में शायर मुनव्वर राना की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है. गिरफ्तारी पर रोक लगाने के इनकार के बाद चर्चित शायर मुनव्वर राना की तबियत बिगड़ गई है. इसके बाद उन्हें पीजीआई अस्पताल ले जाया गया लेकिन फिर परिवार वाले उन्हें घर ले आए.
शायर मुनव्वर राना की बिगड़ी तबीयत, (फोटो क्रेडिट)

लखनऊ. इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने महर्षि वाल्मीकि पर टिप्पणी मामले में शायर मुनव्वर राना की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है. इसके साथ ही चर्चित शायर मुनव्वर राना की गुरुवार देर रात तबीयत खराब हो गई. इसके बाद इनके परिवार वाले इन्हें पीजीआई अस्पताल में ले गए, पीजीआई अस्पताल में इन्हें भर्ती भी किया गया. हालांकि परिवार वाले उन्हें कोरोना संक्रमण के खतरे की वजह से घर ले आए और शुक्रवार को भी उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं देखने को मिला. 

मुनव्वर राणा की बीमारी को लेकर उनकी बेटी सुमैया राणा ने कहा कि पापा की तबीयत कई दिनों से खराब चल रही थी. पीजीआई अस्पताल से उन्हें लाकर घर पर ही इलाज करा रहे हैं क्योंकि वहां पर डॉक्टरों ने अस्पताल में उनके संक्रमण होने का खतरा होने की आशंका जताई थी. अभी दिल्ली के डॉक्टरों से भी उनकी तबीयत के बारे में बात चल रही है. वहीं कोर्ट ने मुकदमें में राहत देने की मांग वाली याचिका को भी खारिज कर दिया है. इस समय मुनव्वर राना कानूनी तौर पर भी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. क्योंकि हाईकोर्ट की 2 सदस्यीय खंडपीठ ने मशहूर शायर मुनव्वर राना की एफआईआर रद्द करने की याचिका भी खारिज कर दिया है.

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बता दें कि मुनव्वर राना ने महर्षि वाल्मीकि की तुलना तालिबान से करते हुआ कहा था तालिबानी उतने ही आतंकी हैं, जितने रामायण लिखने वाले वाल्मीकि हैं. अगर वाल्मीकि रामायण लिखते हैं तो वे देवता हो जाते हैं, उससे पहले वह डाकू थे. आदमी का किरदार बदलता रहता है. मुनव्वर राना के इस बयान के बाद आंबेडकर महासभा ने मुनव्वर राना के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी. इसके बाद उनके खिलाफ हजरतगंज थाने में एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया था.

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