कोरोना थर्ड वेव में बच्चों के प्रभावित होने की आशंका पर सरकार ने दिया बड़ा बयान

Smart News Team, Last updated: Mon, 24th May 2021, 7:57 PM IST
कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों की ज्यादा प्रभावित होने की आशंका पर केंद्र सरकार ने कहा है कि अभी ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं इसलिए लोगों को डरने की जरूरत नहीं है. दिल्ली एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि तीसरी लहर में सबसे ज्यादा बच्चे संक्रमित होंगे लेकिन पेडरिट्रिक्स एसोसिएशन का कहना है कि यह तथ्यों के आधार पर नहीं है. हो सकता है कि बच्चों पर इसका प्रभाव नहीं पड़े.
कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने की आशंका पर सरकार ने कहा है कि अभी ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं.

लखनऊ. कोरोना की दूसरी लहर के बाद एक्सपर्ट्स द्वारा तीसरी लहर में बड़ी संख्या में बच्चों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी. लेकिन केंद्र सरकार ने इन आशंकाओं पर विराम लगा दिया है. सरकार का कहना है कि ऐसे कोई संकेत नहीं हैं, जिससे पता चले कि संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे.

दरअसल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि अभी तक कोई संकेत नहीं मिले हैं जिससे यह कहा जाए कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चे गंभीर रूप से प्रभावित होंगे. एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बच्चों पर तीसरी लहर के प्रभाव को लेकर कहा कि कहा जा रहा है तीसरी लहर में सबसे ज्यादा बच्चे संक्रमित होंगे लेकिन पेडरिट्रिक्स एसोसिएशन का कहना है कि यह तथ्यों के आधार पर नहीं है. हो सकता है कि बच्चों पर इसका प्रभाव नहीं पड़े इसलिए लोगों को डरने की जरूरत नहीं है.

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आपको बता दें कि अप्रैल से शुरू हुई कोरोना की दूसरी लहर में लाखों लोग संक्रमण का शिकार हुए हैं. इसके बाद से ही एक्सपर्ट्स ने कुछ महीनों के बाद तीसरी लहर आने का दावा किया है, जिसमें बच्चों के ज्यादा संक्रमित होने की आशंका जताई गई थी. इसे देखते हुए सरकारों ने कड़े कदम उठाने भी शुरू कर दिए हैं. उत्तर प्रदेश, झारखंड आदि राज्यों के अस्पतालों में बच्चों के लिए अलग से आईसीयू बनाने के निर्देश दिए गए हैं.

ज्ञात हो कि केंद्र सरकार ने बीते शनिवार को कहा था कि बच्चे कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित नहीं हैं लेकिन उन पर इसका प्रभाव न्यूनतम है. नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने बताया था कि यदि बच्चे कोरोना से प्रभावित होंगे तो या तो उनमें कोई लक्षण नहीं होंगे या कम से कम लक्षण होंगे. उन्हें आम तौर पर अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होगी.

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दूसरी तरफ तीसरी लहर में बच्चों के सबसे ज्यादा प्रभावित होने के पीछे एक्सपर्ट्स का कहना है कि चूंकि अभी 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है और आने वाले कुछ महीनों में यह ज्यादातर लोगों को लग चुकी होगी. इस कारण से बच्चों के ज्यादा प्रभावी होने की आशंका है. वहीं, बच्चों का इम्युनिटी सिस्टम भी कमजोर होने की वजह से उनके तीसरी लहर में अधिक संक्रमित होने की आशंका है.

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