शिवपाल सिंह यादव ने मजदूरों को दिए जाने वाले भत्ते को बताया कम, सरकार से की 3000 रुपये प्रति माह देने की मांग

Smart News Team, Last updated: Sun, 16th May 2021, 10:13 PM IST
प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने सरकार से मजदूरों को प्रतिमाह 3000 रुपये भत्ता देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि कोरोना रूपी वैश्विक आपदा से प्रभावितों के लिए एक समावेशी और लोक कल्याणकारी आर्थिक पैकेज मिलना चाहिए.
प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने सरकार से मजदूरों को प्रतिमाह 3000 रुपये भत्ता देने की मांग की है.

लखनऊ. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने एक महीने के लिए मजदूरों को एक हजार रुपये के भत्ते को कम बताया है. शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि इस महंगाई के दौर में एक हजार रुपये में मजदूरों का क्या भला होने वाला है. उन्होंने कहा कि भत्ते को 3000 रुपये प्रति महीने किया जाना चाहिए.

आपको बता दें कि शिवपाल सिंह यादव ने रविवार को एक बयान जारी करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि कोरोना रूपी वैश्विक आपदा से प्रभावितों के लिए एक समावेशी और लोक कल्याणकारी आर्थिक पैकेज मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक हजार रुपये में तो एक सप्ताह का राशन और दवाएं भी नहीं मिल सकतीं. मजदूर पूरे महीने इससे कैसे गुजारा करेंगे.

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इसके अलावा शिवपाल यादव ने यह भी कहा कि लॉकडाउन के कारण उत्पन्न हुई विपरीत परिस्थितियों में रोजाना कमाई कर परिवार का भरण पोषण करने वाले रेहड़ी-पटरी, ठेला, खोमचा, खोखा, आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई जैसे पारंपरिक कामगारों के सामने भी रोजी रोटी का भयानक संकट आ खड़ा हुआ है. ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक माह के लिए प्रदान किए जाने वाला 1000 रुपये का भरण-पोषण भत्ता अत्यधिक कम है. उन्होंने आग्रह किया कि इसे न्यूनतम 3 माह के लिए प्रतिमाह 3000 रुपये किया जाना चाहिए.

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इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि निर्मम कोरोना काल में घर वापस लौटने वाले लाखों प्रवासी मजदूर सब्जी, फल, दुग्ध उत्पादक, मुर्गीपालक, मत्स्य पालक, लघु पशुपालक और अन्नदाता भी कठिन आर्थिक चुनौतियों से लड़ रहे हैं. आपदा से छोटे और मध्यम व्यवसायी भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं.

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