LU में एमफार्मा कोर्स चलाने की तैयारी, विद्या परिषद की बैठक में होगा फैसला

Smart News Team, Last updated: Thu, 8th Jul 2021, 5:11 PM IST
  • लखनऊ यूनिवर्सिटी में सत्र 2023-24 से एमफार्मा की भी पढ़ाई होगी. 17 जुलाई को आयोजित होने वाली विद्या परिषद की बैठक में इस कोर्स को अनुमति देने के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा.
लखनऊ यूनिवर्सिटी में होगी एमफार्मा की पढ़ाई

लखनऊ: यूनिवर्सिटी में सत्र 2023-24 से एमफार्मा की भी पढ़ाई होगी. 17 जुलाई को आयोजित होने वाली विद्या परिषद की बैठक में इस कोर्स को अनुमति देने के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा. इसके बाद फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से भी अनुमति ली जाएगी. अभी लखनऊ यूनिवर्सिटी में 2021-22 से डीफार्मा और बीफार्मा कोर्स चालू करने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ फार्माशूटिकल साइंसेज की स्थापना की गई है.

आपको बता दें कि सत्र 2021-22 से डीफार्मा और बीफार्मा कोर्स चलाने के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने अनुमति दी है. लखनऊ यूनिवर्सिटी में इस कोर्स के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ फार्माशूटिकल साइंसेज खोला गया है. अब इसी इंस्टीट्यूट के अंतर्गत एमफार्मा कोर्स चालू करने पर विचार हो रहा है.

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उधर, लखनऊ यूनिवर्सिटी के पीएचडी छात्र-छात्राओं को जून तक अपनी थीसिस कंप्लीट करके जमा करनी थी, लेकिन कोरोना की वजह से थीसिस सब्मिट नहीं हो सकी. अब ऐसे स्टूडेंट्स को उनकी थीसिस जमा करने के लिए दिसंबर तक मौका दिए जाने की तैयारी हो रही है.

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वहीं, पीएचडी के छात्र-छात्राओं को थीसिस सब्मिट करने के बाद वायवा देना होता है. कोरोना की वजह से ऑनललाइन वायवा के लिए हर विभाग को बारी-बारी से अनुमति के लिए कुलपति के पास जाना पड़ता था, लेकिन अब इसमें बदलाव किए जाने की भी योजना है.

 

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