लखनऊ: प्राइवेट पैथोलॉजी लैब्स ने ठप की कोरोना टेस्टिंग, कहा- कम रेट पर जांच नहीं

Smart News Team, Last updated: 11/09/2020 10:41 PM IST
  • सरकार द्वारा प्राइवेट लैब में कोरोना जांच का रेट फिक्स होने के बाद प्राइवेट लैब का जांच करने से इंकार. लैब संचालकों का कहना है कि पीपीईकिट और मशीन सब मंहगे हैं ऐसे में कम रेट में कोरोना जांच संभव नही है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

लखनऊ:  बीते दिनों सरकार द्वारा जारी आदेश में प्राइवेट लैब में कोरोना जांच का मूल्य निर्धारित कर दिया. जिसके बाद घटी कीमतों पर प्राइवेट पैथोलॉजी ने कोरोना की जांच करने से इनकार कर दिया है. नई कीमतें घोषित होने के बाद प्राइवेट पैथोलॉजी ने जांच बंद कर दी है. इसके बारे में अभी प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटरों ने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. जांच ठप होने से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. 

 जानकारी के मुताबिक राजधानी में करीब 22 सरकारी व आठ प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटरों में कोरोना जांच की सुविधा मौजूद है. आपको बता दें कि सरकार ने पहले 25 सौ रुपये में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की कीमत तय की थी. अब यह कीमत घटाकर 1600 रुपये कर दी गई है. नई दरों पर प्राइवेट सेंटरों ने कोरोना जांच करने से साफ मना कर दिया है. इसी का नतीजा है कि शुक्रवार को ज्यादातर प्राइवेट सेंटरों पर जांच नहीं की गई.

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आकंड़ों के मुताबिक राजधानी के हर प्राइवेट सेंटर पर प्रतिदिन 200 से 300  कोरोना जांचें हो रही थीं. सुबह से मरीज इन सेंटरों पर जांच के लिए पहुंच रहे थे. लेकिन शुक्रवार को मरीजों को मशीन खराब होने और किट की कमी बताकर लौटा दिया गया.जांच की उम्मीद में पहुंचे मरीजों को बहुत दिक्कतें झेलनी पड़ी. बड़ी संख्या में मरीज की अस्पताल में भर्ती नहीं हो पाए. कोरोना काल में बिना कोरोना जांच कई प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है. 

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गौरतलब है कि प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटर संचालकों का कहना है कि आईसीएमआर ने जब 2500 रुपये कीमत तय की है तो उसे कैसे कम किया गया? जबकि पीपीई किट की कीमतें कम नहीं की गईं. उस पर 18 प्रतिशत का टैक्स लिया जा रहा है और किट भी महंगी हैं. जाचं में इस्तेमाल होने वाली मशीन का खर्च भी ज्यादा है. टेक्नीशियन भी घर जाकर नमूने लेते हैं उसका शुल्क अलग देना पड़ता है. इन सब के बीच कम कीमत पर कोरोना की जांच संभव नहीं है. इस पूरे प्रकरण में सीएमओ डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटरों ने जांच बंद करने की जानकारी नहीं है. मामला पता कर ही जानकारी दे सकूंगा. सरकारी सभी सेंटरों में जांच हो रही है.

 

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