पंजाब का राकेश दुबई से भारत में चला रहा है पोंजी स्कीमों का गोरखधंधा

Smart News Team, Last updated: Sat, 13th Feb 2021, 9:25 AM IST
  • एसटीएफ ने पोंजी स्कीमों को चलाने वाले मुख्य आरोपित की पहचान की है। यह शख्स पंजाब के होशियारपुर का मूल निवासी है, जो दुबई से इस गोरखधंधे का संचालन करता है। अब तक हजारों लोगों से निवेश के नाम पर करीब तीन आरब रुपये की ठगी की है।
सांकेतिक फोटो

लखनऊ : पोंजी स्कीम में निवेश के नाम पर ठगी का गोरखधंधा दुबई से चलाया जा रहा है। पंजाब के होशियारपुर का रहने वाला राकेश सैनी दुबई में रहकर भारत में यह गोरखधंधा चला रहा है। एसटीएफ के पुलिस उप अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि राकेश भारत में इग्नाइटर और सोलमैक्स कंपनियों की आड़ में पूरा खेल कर रहा है। 

पुलिस उपाधीक्षक के मुताबिक राकेश सैनी दुबई से जूम के जरिए भारत में अपने साथ काम करने वाले लोगों से संपर्क करता है। लोगों को पोंजी स्कीम में निवेश करने का झांसा देता है। अप्रैल 2020 से सक्रिय रूप से काम कर रहा है। भारत में पकड़े जाने के डर से वह दुबई चला गया था। एसटीएफ के मुताबिक राकेश ने बहुत ही कम समय में खुद भी करीब 50 हजार लोगों को अपना शिकार बनाया। कंपनियों में पंजीकरण और निवेश करवा कर वह करीब 12 करोड़ रुपये विदेशी खातों मे जमा करवा चुका है। भारत समेत अन्य देशों में यह कंपनियां लगभग 10 लाख से अधिक लोगों को अपना निशाना बना चुकी है। 3 अरब रुपये से अधिक धनराशि की ठगी कर चुकी है।

जमीन फर्जीवाड़ा मामले में 2 मेडिकल कॉलेजों के मालिकों पर LDA की कार्रवाई

एजुकेशनल पैकेज के नाम पर ट्रांसफर किए जाते हैं रुपये

एसटीएफ के मुताबिक ठगी की रकम विदेश में यह कहकर भेजी जाती है कि एजुकेशनल पैकेज ऑनलाइन सेल किए गए हैं, जिससे की बड़ी धनराशि आसानी से विदेशी खातों मे ट्रांसफर की जा सके। जबकि यह कंपनी भारत में कहीं रजिस्टर्ड नहीं है। न ही इसका देश में कोई कार्यालय है। आरोपित ली गई धनराशि की कोई रसीद भी नहीं देते थे। कंपनी से जुड़े जालसाज झांसा देते थे कि 25 पौण्ड से लेकर 5 हजार पौण्ड तक की 8 कैटिगरी मे से किसी 1 कैटेगरी में रुपये जमा करें। बदले में कंपनी के शेयर मिलेंगे। शेयरों की कीमत भविष्य में अधिक मुनाफा देंगे।

नए मेम्बर को जोड़ने पर कमिशन मिलता है

कंपनी की मूल कमाई नए मेम्बर को जुड़ने पर होती है। इसके अलावा नए सदस्य को जोड़ने पर पुराने सदस्यों को कमिशन भी दिया जाता था। एसटीएफ का कहना है कि लखनऊ समेत भारत के कई इलाकों का कार्य अनिरुद्ध नारायण व दीपक राय संभालते थे। यह दोनों दुबई जाकर राकेश सैनी से भी मिले थे। उसके दिशा-निर्देशों के अनुरूप भारत मे ज्यादा से ज्यादा लोगों का इस कंपनी मे झूठे प्रलोभनों के आधार पर रुपये निवेश करवाते थे। आरोपित अनिरुद्ध नारायण ने बताया कि पंजाब निवासी गुरप्रीत सिंह, गुजरात निवासी अमरजीत पुरवा और गुजरात निवासी संजय सोनरके भी उसके साथ भारत में इग्नाइटर  और सोलमैक्स कंपनी का भारत में काम देखते हैं। आरोपित अनिरुद्ध के खिलाफ बिहार मे एनआईएक्ट में 2 केस दर्ज हैं।  अनिरुद्ध ने लगभग 20 हजार लोगों को कंपनी से जोड़ा है। वह करीब 5 करोड़ रुपये कंपनियों के विदेशी खातों में जमा करवा चुका है। जालसाजी की कमाई से उसने कई प्रॉपर्टी भी खरीदी हैं।

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें