बिखर रही राहुल गांधी की टीम, ज्योतिरादित्य-जितिन के बाद RPN सिंह गए, पायलट बचे

Jayesh Jetawat, Last updated: Tue, 25th Jan 2022, 5:09 PM IST
  • राहुल गांधी के सिपहसालार माने जाने वाले नेता एक-एक करके कांग्रेस छोड़कर जा रहे हैं. राहुल के करीबी ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन प्रसाद के बाद अब आरपीएन सिंह ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया. अब राहुल गांधी की कोर टीम में सिर्फ सचिन पायलट बचे हैं.
कभी राहुल गांधी के सिपहसालार रहे सचिन पायलट, आरपीएन सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन प्रसाद (फाइल फोटो)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरपीएन सिंह बीजेपी में शामिल हो गए हैं. वे यूपी में कांग्रेस का युवा चेहरा थे और यूपीए सरकार में मंत्री भी रह चुके थे. आरपीएन सिंह कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी माने जाते थे. वे पहले ऐसे शख्स नहीं हैं, जो राहुल के करीबी नेता रहे और कांग्रेस को अलविदा कह गए. उनसे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन प्रसाद भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जा चुके हैं. अब पार्टी में राहुल के सिपहसालारों में सिर्फ सचिन पायलट ही बचे हैं.

आरपीएन सिंह के बीजेपी में जाने के बाद एक फोटो चर्चा का विषय बनी हुई है. इसमें राहुल गांधी की कोर टीम के सदस्य रहे आरपीएन सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद और सचिन पायलट दिख रहे हैं. इनमें से तीन नेता अब तक कांग्रेस छोड़ चुके हैं. यानी कि राहुल गांधी की युवा नेताओं की कोर टीम पूरी तरह बिखर चुकी है.

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ज्योतिरादित्य ने कांग्रेस छोड़कर एमपी में बीजेपी की सरकार बनवाई और फिर केंद्रीय मंत्री बने

राहुल गांधी के सबसे करीबी दोस्त माने जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मार्च 2020 में कांग्रेस को अलविदा कह दिया था. उन्होंने मध्य प्रदेश के कई विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़ी और फिर बीजेपी में शामिल हो गए. इस वजह से एमपी में कमलनाथ सरकार गिर गई और ज्योतिरादित्य की मदद से शिवराज फिर मुख्यमंत्री बने. ज्योतिरादित्य के साथ कांग्रेस में जहां अनदेखी हो रही थी, वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा में भेजा और फिर केंद्रीय कैबिनेट में शामिल करके उन्हें नागरिक उड्डयन मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी.

जितिन प्रसाद ने कांग्रेस छोड़ी, बीजेपी में आए और मंत्री बने

ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद राहुल गांधी के एक और करीबी नेता जितिन प्रसाद ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया. उन्होंने जून 2021 में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की. फिर उन्हें योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में जगह मिली. जितिन प्रसाद ने भी कांग्रेस आलाकमान पर अनदेखी का आरोप लगाया था.

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सचिन पायलट भी कर चुके हैं बगावत

राहुल गांधी के इन सिपहसालार में से अब सिर्फ सचिन पायलट ही कांग्रेस में बचे हैं. पायलट भी पार्टी से बगावत कर चुके हैं. करीब डेढ़ साल पहले सचिन पायलट ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बागी रुख अपनाया था. वे कई विधायकों के साथ गुरुग्राम के मानेसर स्थित एक रिसोर्ट में चले गए. उनके बीजेपी में भी जाने के कयास लगाए जा रहे थे. फिर कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें मनाया और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए एक कमिटी का गठन किया. इसके बाद पायलट के बागी तेवर नर्म पड़े. हाल ही में उन्होंने कहा था कि वे कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं.

 

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