पुरानी पेंशन बहाली वादे पर कर्मचारियों ने अखिलेश को घेरा, मांगा सपा का टिकट

Sumit Rajak, Last updated: Wed, 26th Jan 2022, 7:16 AM IST
  • पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को घोषणा पत्र में शामिल कराने के बाद अब कर्मचारी संगठन समाजवादी पार्टी पर टिकट देने का दबाव बनाने लगे हैं. मंगलवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्य वाहक अध्यक्ष सुशील कुमार त्रिपाठी और शिवबरन यादव ने बयान जारी कर कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए सपा प्रमुख को कर्मचारी प्रतिनिधि को टिकट देना चाहिए.
फाइल फोटो

लखनऊ. राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए शत-प्रतिशत मतदान करने का निर्णय लिया है. परिषद के अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी और महामंत्री शिवबरन सिंह यादव ने मंगलवार को कहा कि पुरानी पेंशन बहाली और आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर लगभग 10 वर्षों से आन्दोलनरत राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के नेताओं ने आगामी चुनाव में कर्मचारी शिक्षक और उनके परिजनों के शतप्रतिशत मतदान की ब्लॉक स्तर तक कार्ययोजना तैयार की है.

उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार आसानी से पुरानी पेंशन बिना किसी वित्तीय भार के कर सकती है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पुरानी पेंशन बहाली के स्पष्ट रूप से घोषणा कर चुके हैं. लेकिन कुछ लोग कर्मचारियों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं. ऐसे में सपा को कर्मचारी और शिक्षकों में विश्वास दिलाने के लिए एक-दो कर्मचारी शिक्षक नेताओं को विधानसभा में ले जाने की अतिशीघ्र घोषणा करनी चाहिए. उन्होंने बताया कि कोई भी शासकीय सेवक अपने सेवाकाल में 300 से 360 महीने सेवारत रहता है. 

UP Assembly Election 2022 : समाजवादी पार्टी ने जारी की 35 उम्मीदवारों की नई लिस्ट

हर महीने पेंशनमद में उस कार्मिक और सरकार का एक निश्चित अंशदान जमा होता है. इतने माह के बाद उस कर्मचारी के खाते में सामान्यतः इतनी राशि जमा हो जाती है कि उसके ब्याज से पेंशन का भुगतान किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल इसका जीता जागता प्रमाण है। उन्होंने सवाल किया कि क्या पश्चिम बंगाल में पुरानी पेंशन देने से पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था बिगड़ गई है.

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने कहा कि, अखिलेश को शिक्षकों व कर्मचारियों को यह भी बताना चाहिए कि अपने पांच साल के कार्यकाल में उन्होंने इसके लिए सरकार का दस हजार करोड़ रुपए का अंशदान क्यों नहीं जमा किया था? आखिरकार वो कौन से कारण थे जिसकी वजह से अंशदान जमा नहीं करा सके. योगी सरकार के आने के बाद अखिलेश यादव के कार्यकाल का बकाया अंशदान भी जमा कराया गया जिससे कर्मचारियों को पेंशन का लाभ मिलता रहे.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें