मकान या फ्लैट बुक करने पर अब नहीं डूबेगा पैसा, रेरा ने बिल्डरों पर नजर रखने के लिए बदला नियम

Smart News Team, Last updated: Sat, 29th May 2021, 10:10 AM IST
  • रेरा ने बिल्डरों पर नजर रखने के लिए नियमों में कुछ बदलाव किया है. जिससे अब मकान या फ्लैट बुक करने पर लोगो की रकम नहीं डूबेगी. अब बिल्डर्स खरीददारों से ली गई रकम को वह उसी परियोजना में 70 फीसद तक लगाएंगे.
यूपी रेरा ने बिल्डरों पर नजर रखने के लिए बदला नियम

लखनऊ. अब लोगों को मकान या फ्लैट बुक करने पर उनकी रकम नहीं डूबेगी. वहीं इसके लिए यूपी रेरा ने बिल्डरों के उपर नजर रखने के लिए नियमों में कुछ बदलाव किए है. जिसके कारण अब बिल्डर्स खरीददारों से जिस परियोजना के लिए रकम लेंगे उसमें से 70 फीसद रकम को वह उसी परियोजना में लगाएंगे. वहीं बाकी के रकम को वह किसी भी परियोजना या उपयोग में काम ले सकते है. 

आपको बता दे कि पहले बिल्डर्स पहले खरीददारों से फ्लैट या मकान के लिए रकम ले लेते थे, लेकिन उसका अधिकतर भाग दूसरे परियोजना को बनाने में लगा देते थे. जिसके कारण लोगों को अपने मकान के लिए के कई साल इंतेजार करना पड़ता था. साथ ही उन्हें ये भी लगने लगता था कि उनकी रकम दुब गई है और उन्हें अब अपना मकान नहीं मिल पाएगा.

जिसे देखते हुए ही यूपी रेरा ने नियमों में कुछ बदलाव किया है. जिसके कारण अब बिल्डरों को तीन बैंक एकाउंट खोलने होंगे. जिसमे कलेक्शन एकाउंट, सेपरेट एकाउंट और ट्रांजेक्शन एकाउंट होगा. जिसके माध्यम से रेरा आसानी से बिल्डरों के लेन देन को देख सकेगा. साथ ही यह भी जान सकेगा कि बिल्डर अपने किस परियोजना में कितना फीसद रकम लगा रहा है. 

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वहीं इससे पहले भी रेरा ने बिल्डरों पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास किया था. जिसके तहत बिल्डरों को एक ही बैंक खाता खोलना था और उसी से सभी लेन देन करना था, लेकिन इसमें भी वह खेल खेलना शुरू कर दिया. साथ ही कई शहरों में बिल्डरों ने 80 फीसद रकम दूसरी परियोजनाओं में लगा दी जिससे खरीददारों के मकान नहीं बन पाए. 

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वहीं इसके बारे में यूपी रेरा के चेयरमैन राजीव कुमार ने बताया कि बिल्डर किस परियोजना में कितना पैसा लगा रहे है, लेकिन अब सब कुछ साफ देखा जा सकेगा. उन्हीने आगे बताया कि अभी भी यूआई में 1.25 लाख लोग अपने घर की तलाश कर रहे है. वहीं लखनऊ में अभी भी 20 हजार मकान अधूरे पड़े हुए है. साथ ही 80 हजार से ज्यादा मकान 60 डिफॉल्टर बिल्डरों के पास फंसे हुए है.

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