गोमती रिवरफ्रंट घोटाला: अखिलेश सरकार में चीफ इंजीनियर रूप सिंह यादव गिरफ्तार

Smart News Team, Last updated: 20/11/2020 06:23 PM IST
  • सपा सरकार के समय गोमती रिवर फ्रंट समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की महत्वकांक्षी परियोजना थी. सीबीआई ने मामले की जांच करते हुए दिसंबर 2017 में एफआईआर दर्ज की थी. बाद में ईडी ने मामला दर्ज किया था.
कथित गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में सीबीआई ने किया सिंचाई विभाग के तात्कालीन चीफ इंजीनियर रूप सिंह यादव को गिरफ्तार. (प्रतीकात्मक फोटो)

लखनऊ. लखनऊ के गोमती रिवरफ्रंट घोटाले में सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए सिंचाई विभाग के तात्कालीन चीफ इंजीनियर रूप सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया है. काफी दिनों से सियासी मुद्दा बने हुए इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी की गई है. सपा सरकार के समय गोमती रिवर फ्रंट समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की महत्वकांक्षी परियोजना थी. सीबीआई ने मामले की जांच करते हुए दिसंबर 2017 में एफआईआर दर्ज की थी. बाद में ईडी ने मामला दर्ज किया था. योगी सरकार इस  मामले पर शुरू से ही आक्रमक है.

इससे पहले योगी सरकार कह चुकी है कि अखिलेश सरकार के समय गोमती रिवर फ्रंट का मुख्य उद्देश्य धन इकठ्ठा करना था. इसलिए सरकार ने परियोजना में काफी अनियमतता रखी. जिसके चलते करोड़ों रूपए का घोटाला हुआ. अखिलेश यादव के लिए सीबीआई की ये कार्रवाई एक झटका है जो जांच आगे बढ़ने पर एसपी अध्यक्ष के और करीबियों को गिरफ्तार कर सकती है. 

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जैसे की ज्ञात है कि सीबीआई ने मामले पर दिसंबर 2017 में एफआईआर दर्ज की थी. इस एफआईआर पर ईडी ने संज्ञान लेते हुए मार्च 2018 को धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था. गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जांच करते हुए सीबीआई ने तत्कालीन मुख्य अभियंताओं गुलेश चंद्रा, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता मंगल यादव,  एस एन शर्मा, काजिम अली,कमलेश्वर सिंह, अखिल रमन, रूप सिंह यादव और अधिशासी अभियंता सुरेन्द्र यादव के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की थी. इसके बारे में जानकारी यह है इसमें से चार गुलेश चंद्रा, मंगल यादव, अखिल रमन और रूप सिंह यादव सेवानिवृत्त हो चुके हैं.

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