यूपी में जिन्ना विवाद: बयान पर कायम अखिलेश यादव बोले- फिर किताबें पढ़ें...

Shubham Bajpai, Last updated: Sat, 6th Nov 2021, 6:44 PM IST
  • मोहम्मद अली जिन्ना पर दिए अपने बयान से आलोचना झेल रहे सपा प्रमुख अखिलेश यादव बयान पर टिके हुए हैं. उन्होंने बयान पर सफाई देने की बजाय लोगों को फिर से किताबें पढ़ने की सलाह दी है. अखिलेश ने कहा कि मुझे संदर्भ क्यों साफ करना चाहिए, मैं चाहता हूं कि लोग फिर से किताबें पढ़ें.
जिन्ना के बयान पर टिके अखिलेश यादव, कहा लोग फिर से पढ़ें किताबें

लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव 2022 से पहले मोहम्मद अली जिन्ना पर दिए बयान को लेकर घिरे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने बयान से टस से मस होते नहीं दिख रहे हैं. वहीं, शनिवार को अखिलेश ने इस बयान पर सफाई देने की बजाय लोगों को फिर से किताबें पढ़ने की सलाह दे डाली. अखिलेश के इस बयान के बाद से भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

अखिलेश बोले मुझे क्यों साफ करना चाहिए संदर्भ

जिन्ना के बयान पर सवाल पूछने पर अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे संदर्भ क्यों साफ करना चाहिए. मैं चाहता हूं कि लोग फिर से किताबें पढ़ें.

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सीएम योगी को चुनाव न लड़ने की दी सलाह

अखिलेश यादव ने इस दौरान 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनाव न लड़ने की सलाह दी. अखिलेश ने कहा कि सीएम योगी को 2022 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहिए क्योंकि वह इस बार चुनाव लड़ने वाले हैं. वहीं, सीएम योगी ने बयान देते हुए कहा है कि पार्टी जिस जगह से कहेगी वो चुनाव लड़ेंगे.

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बता दें कि हरोदई में आयोजित एक सभा में अखिलेश यादव ने सरदार वल्लभ भाई पटेल, जवाहर लाल नेहरू, महात्मा गांधी और मोहम्मद अली जिन्ना की तुलना की थी. अखिलेश ने कहा था कि सरदार वल्लभ भाई पटेल, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और (मोहम्मद अली) जिन्ना ने एक ही संस्थान से पढ़ाई की और बैरिस्टर बने. ये सभी आजादी के संघर्ष के लिए पीछे नहीं हटे. वहीं, इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि किसी विचारधारा (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाया गया था तो वह लौह पुरुष सरदार पटेल ने लगाया था.

इस बयान का भाजपा के कई मंत्री समेत भाजपा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह समेत कई नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी.

 

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