सपा चीफ अखिलेश यादव का आह्वान- 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर मनाएं दलित दिवाली

Smart News Team, Last updated: Thu, 8th Apr 2021, 4:52 PM IST
  • सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए 14 अप्रैल को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को दलित दीवाली मनाने का आह्वान किया है. इससे पहले समाजवादी पार्टी ने यूपी के हर जिले में अंबेडकर जयंती मनाने की घोषणा की थी.
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर दलित दिवाली मनाने का आह्वान किया.

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश और देशवासियों से 14 अप्रैल को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को दलित दीवाली मनाने का आह्वान किया. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को ट्वीट करते कहा कि भाजपा के काल में संविधान खतरे में है. इससे पहले बुधवार को समाजवादी पार्टी ने सूचना पत्र जारी करके बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती को सार्वजनिक मनाने की घोषणा की. 

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए कहा कि भाजपा की राजनीतिक अमावस्या के काल में वो संविधान खतरे में है, जिसे बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने स्वतंत्र भारत की नई रोशनी दी थी. उन्होंने कहा कि इसलिए बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती 14 अप्रैल को समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश, देश और विदेश में दलित दिवाली मनाने का आह्वान करती है.

अखिलेश की सपा 14 अप्रैल को 130वीं अंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम का करेगी आयोजन

इससे पहले बुधवार को समाजवार्दी पार्टी ने एक पत्र जारी किया है. जिसमें कहा गया है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर 14 अप्रैल 2021 को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जाएगी. 14 अप्रैल को हर जिले में समाजवादी पार्टी मुख्यालय या अन्य किसी सार्वजनिक स्थान पर कार्यक्रम किया जाएगा.

अखिलेश यादव का हमला- CM योगी की नीतियों ने यूपी में बढ़ाया कोरोना

अखिलेश यादव ने गुरुवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कोरोना भयावह होता जा रहा है. योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की लापरवाह सरकार के चलते कोरोना का संक्रमण थमने की उम्मीद नहीं दिख रही है. उन्होंने कहा कि बेपरवाह भाजपाई सरकार कोरोना पर नियंत्रण के झूठे दावे के साथ बस अपनी वाहवाही लूटने में लगी हुई है. नतीजा सामने है कि कोरोना की दूसरी लहर के कहर से हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें