ई-चालानों के निपटारे को उत्तर प्रदेश में बनाई जाएंगी ई-कोर्ट

Smart News Team, Last updated: Thu, 11th Feb 2021, 9:29 AM IST
  •   ई-चालान बढ़ने से कोर्ट पर बढ़ रहे दबाव के कारण शुरू की जा रही नई सुविधा। अब वाराणसी-अयोध्या का मॉडल पूरे प्रदेश में अपनाया जाएगा। वर्तमान में 36 लाख से अधिक ई-चालान के मामले लंबित हैं।
सांकेतिक फोटो

लखनऊ : वाहनों के ई-चालान से जुड़े मामलों के जल्द निस्तारण के लिए ई-कोर्ट की स्थापना की जाएगी। सीएम योगी के निर्देश पर शासन में वाराणसी और अयोध्या की तर्ज पर ई-कोर्ट की स्थापना को लेकर मंथन हुआ। वर्तमान में ई-चालान का निस्तारण कोर्ट में करवाया जा रहा है। कोर्ट में 36 लाख से ज्यादा मामले निस्तारण के लिए लंबित हैं। इस कारण कोर्ट पर काफी दबाव बढ़ रहा है। इस दबाव को देखते हुए सीएम ने ई-कोर्ट की स्थापना के लिए जल्द से जल्द कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिए हैं।

 अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और प्रमुख सचिव, न्याय प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने इस संबंध में बुधवार को विभाग में एक संयुक्त बैठक की। बैठक में बताया गया कि वाराणसी और अयोध्या में ई-चालान कोर्ट को एनआईसी के जरिए भेजा जा रहा है। जहां कोर्ट द्वारा इसके संबंध में चालान करके रसीद अपलोड कर दी जाती है। इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में न्याय विभाग के जरिए लागू करवाए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही बैठक में बताया गया कि यातायात निदेशालय द्वारा एनआईसी के जरिए प्रयागराज में ई-मैंपिग की जा रही है। इस प्रकार की ई-मैपिंग की व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू किये जाने के विभिन्न पहलुओं पर भी बैठक मे विचार-विमर्श किया गया।

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अभी यह है स्थिति                          ई-चालान

31 दिसंबर 2020 तक                      1,13,33,367

कोर्ट भेजे गए                                  38,21,241

निस्तारित                                      1,78,999

पेडिंग                                           36,42,242

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