मौत के बाद जमीन में दफन नहीं, शमशान में जलना चाहते हैं वसीम रिजवी, जताई इच्छा

Smart News Team, Last updated: Mon, 15th Nov 2021, 5:36 PM IST
  • शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने बड़ा बयान दिया है. वसीम रिजवी ने कहा है कि उन्होंने अपनी वसीयत लिखी है जिसके अनुसार मरने के बाद वे मुस्लिम तरह किसी कब्रिस्तान में दफन नहीं होना चाहते बल्कि हिंदू रितीरिवाजों के अनुसार शमशान में अंतिम संस्कार होने की इच्छा रखते हैं.
मौत के बाद जमीन में दफन नहीं, शमशान में जलना चाहते हैं वसीम रिजवी, जताई इच्छा

लखनऊ. शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने ऐलान किया है कि मरने के बाद उन्हें मुसलमानों की तरह कब्रिस्तान दफन नहीं बल्कि हिंदुओं की तरह शमशान में जलाया जाए. वसीम रिजवी ने कहा कि मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाए जिसके लिए उन्होंने वसीयतनामा भी तैयार कर लिया है. इसके साथ ही वसीम रिजवी ने कहा है कि डासना मंदिर के महंत नरसिम्हा नंद सरस्वती उनकी चिता को आग दें. वहीं वसीम रिजवी ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारत में मुसलमान उनकी गर्दन काटकर हत्या करने की साजिश रच रहे हैं.

गौरतलब है कि वसीम रिजवी ने कहा कि 26 आयतों को सु्प्रीम कोर्ट में चैलेंज करने की वजह से हिंदुस्तान और हिंदुस्तान से बाहर के मुसलमान मुझे मारने की साजिश कर रहे हैं. मुझपर इनाम रखे जा रहे हैं. रिजवी ने आगे कहा कि जिन आयतों को मैंने कोर्ट में चैलेंज किया वे इंसानियत के प्रति नफरत फैलाने वाली हैं लेकिन मुसलमान मुझे मार देना चाहते हैं और यहां तक की ये ऐलान कर चुके हैं कि मरने के बाद मेरे शरीर को किसी भी कब्रिस्तान में जगह नहीं दी जाएगी.

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वसीम रिजवी ने कहा कि उनकी मौत के बाद शांति बनी रहे इसलिए उन्होंने एक वसीयतनामा तैयार किया है. वसीयत के अनुसार, मरने के बाद रिजवी के शरीर को उनके एक हिंदू दोस्त के हवाले कर दिया जाए और शमशान ले जाकर मेरा अंतिम संस्कार कर दिया जाए. साथ ही रिजवी ने आगे कहा कि डासना देवी मंदिर के महंत नरसिम्हा नंद सरस्वती जी मेरी चिता अग्नि दें, मैंने उनको अधिकृत किया है.

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