यूपी: डासना देवी मंदिर में वसीम रिजवी का धर्म परिवर्तन, ये रखा नया हिंदू नाम

Somya Sri, Last updated: Mon, 6th Dec 2021, 1:56 PM IST
  • शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने आज इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है. अब वह जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के नाम से जाने जाएंगे. आज सुबह डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंम्हानंद गिरी महाराज ने वसीम रिजवी को पूरी रीति रिवाज के साथ सनातन धर्म ग्रहण करवाया. इस दौरान उन्होंने कहा क इस्लाम ने उन्हें निकाल दिया तो ये उनकी मर्जी है कि वह किस धर्म में जाएंगे. 
शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने अब जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के नाम से जाने जाएंगे.

लखनऊ: मुस्लिम संगठनों के निशाने पर रहे शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने आज इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है. अब वह जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के नाम से जाने जाएंगे. आज सुबह साढ़े 10 बजे डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंम्हानंद गिरी महाराज ने वसीम रिजवी को पूरी रीति रिवाज के साथ सनातन धर्म ग्रहण करवाया. इस दौरान जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी (वसीम रिजवी) ने कहा कि इस्लाम ने उन्हें निकाल दिया तो ये उनकी मर्जी है कि वह किस धर्म में जाएंगे. उन्होनें कहा कि''धर्म परिवर्तन की यहां कोई बात नहीं है, जब मुझे इस्लाम से निकाल दिया गया तो फिर मेरी मर्जी है कि मैं कौन सा धर्म स्वीकार करूं. सनातन धर्म दुनिया का सबसे पहला धर्म है, जितनी उसमें अच्छाइयां पाई जाती हैं, और किसी धर्म में नहीं है. इस्लाम को हम धर्म ही नहीं समझते. "

शिया धर्म गुरु मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने क्या कहा?

शिया धर्म गुरु मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि इस्लाम में कुरान और हमारे नबी मोहम्मद साहब न मानने वाला इस्लाम से अपने आप खारिज हो जाता है. किसी को जबरदस्ती इस्लाम से खारिज या दाखिल नही किया जा सकता है. वसीम ने कुरान और मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी की, वो अपने आप इस्लाम से खारिज हो गए. इस्लाम की बदनामी करा कर अब वो सनातन धर्म में गए है, अब वो सनातन धर्म को बदनाम करेंगे. मेरी हिंदू भाइयों से गुजारिश है कि वसीम जैसे पाखंडी को पहचाने और उसको सजा दे. मौलाना सैफ ने कहा कि जो इंसान अपने परिवार का नही हुआ, वो किसी का नही हो सकता है. उसके इस पाखंड से उसके परिवार वाले भी खिलाफ है.

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हिन्दू महासभा अध्यक्ष चक्रपाणि महाराज ने क्या कहा?

अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कहा कि, "पूर्व मुस्लिम धर्मगुरु वसीम रिजवी साहब का हिंदू सनातन धर्म स्वीकार करना स्वागत योग्य, अखिल भारत हिंदू महासभा, संत महासभा उनका स्वागत करती है, वसीम रिजवी साहब अब हमारे हिंदू सनातन धर्म के अंग है कोई भी कट्टरपंथी उनके खिलाफ फतवा जारी करने के लिए दुसाहस ना करें ,केंद्र ,प्रदेश सरकार उन्हें उचित सुरक्षा मुहैया कराए."

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कब्रिस्तान में दफन नहीं श्मशान में जलना चाहता हूं

हाल ही में रिजवी ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि, " मेरी हत्या करने और गर्दन काटने की साजिश रची जा रही है. मेरा गुनाह सिर्फ इतना है कि मैंने कुरान की 26 आयतों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. मुसलमान मुझे मारना चाहते हैं और ऐलान किया है कि मुझे किसी कब्रिस्तान में जगह नहीं देंगे. इसलिए मरने के बार मेरा अंतिम संस्कार शमशान में कर दिया जाए."

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