शाइन और क्विकर जॉब सर्च साइट्स के नाम पर लोगों से ठगी, सरगना समेत 13 अरेस्ट

Smart News Team, Last updated: 15/10/2020 07:55 AM IST
  • गाजियाबाद में कॉल सेंटर चलाकर नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो गया है. एसटीएफ की टीम ने गिरोह के मास्टर माइंड समेत 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. 
नौकरी के नाम पर साइबर ठगी करने वाला एक गिरोह पकड़ा गया है

लखनऊ: शाइन और क्विकर जॉब सर्च साइट का नाम इस्तेमाल कर ठगी करने वाले गिरोह का भांडाफोड़ होने का मामला सामने आया है. इस गिरोह के सरगना समेत 13 सदस्यों को एसटीएफ ने गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया है. इस साइबर ठगों के खिलाफ महानगर कोतवाली में शिवानी वारा ने 28 अगस्त को मुकदमा दर्ज कराया था.

नौकरी के नाम जाब्स सर्च साइट्स का नाम दिखाकर धोखाधड़ी करने वाले इस गिरोह के बारे में एसएसपी एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह जानकारी दी कि दिल्ली के राजीव नगर का रहने वाला  शादाब खान गिरोह का सरगना है. शादाब ने गाजियाबाद राजनगर स्थित देविका चैम्बर में काल सेंटर खोला था. गिरोह में अंकित और महबूब भी सहयोगी हैं. पहले तो शातिर ठगों ने शाइन और क्विकर जॉब सर्च साइट के नाम से मिलता जुलता यूआरएल एड्रेस तैयार कराया था. उसके बाद ये ठग व्हाट्सएप और एसएमएस से लिंक भेजते थे. जिसमें बैंक समेत अन्य कम्पनियों में नौकरी लगवाने के बारे में फर्जी जानकारी दी जाती थी. 27 अगस्त को महानगर की शिवानी वारा को भी ऐसा ही मैसेज भेज कर ठगों ने 98 हजार रुपये हड़पे थे.

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जांच में पता चला है कि इस गिरोह का सरगना शादाब खान केवल इंटर पास है और इस सारे काले कारनामों के पीछे का मास्टरमांइड वही है. पहले कई कॉल सेंटर में काम करने के बाद उसने गाजियाबाद में जुलाई 2020 में खुद का कॉल सेंटर खोला था. शादाब और उसके साथियों ने युवतियों को नौकरी दी थी. उनका काम मोबाइल नम्बर पर नौकरी के लिंक भेजना और फोन कर खाते की जानकारी लेना होता था.

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एसएसपी के मुताबिक फर्जी आईडी पर सिम कार्ड हासिल किए जाते थे. इन फेक सिमों को ठग 15 दिन में बदल देते थे. चिह्नित किए गए युवक-युवती से उसके खाते या ई-वालट की डिटेल हासिल कर एनीडेस्क और क्विक सपोर्ट एप के जरिए रुपये ऐंठते थे. इंस्पेक्टर महानगर यशकांत सिंह ने बताया कि शिवानी की तरफ से दर्ज केस में धोखाधड़ी व जाली दस्तावेज तैयार करने की धारा बढ़ाई गई है. जालसाजों के लैपटॉप से सारा डाटा बरामद कर लिया गया है. जिसके बाद शादाब, अंकित, महबूब, गुरप्रीत, गुंजन, शिवानी, अना, इमराना, अर्पिता, मानसी, ज्योती और प्राची को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपियों के पास से तीन लैपटॉप,19 मोबाइल बरामद हुए हैं. यही नहीं लैपटॉप से एसटीएफ ने दो हजार लोगों के क्रेडिट और डेबिट खातों की डिटेल भी हासिल की है.

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