सपा छोड़ प्रसपा बनाने वाले शिवपाल बोले- नहीं होगा विलय, रहेगा स्वतंत्र अस्तित्व

Smart News Team, Last updated: 08/10/2020 01:08 AM IST
  • समाजवादी पार्टी में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के विलय को लेकर चल रही अटकलों के बीच पार्टी प्रमुख शिवपाल यादव ने कहा कि प्रसपा का स्वतंत्र अस्तित्व बना रहेगा. पार्टी विलय जैसी बातों को सिरे से खारिज करती है. 
प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने पार्टी के विलय की अटकलो को सिरे से खारिज कर दिया है

पटना: प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में शिवपाल यादव ने कहा कि प्रसपा का स्वतंत्र अस्तित्व बना रहेगा और पार्टी विलय जैसे एकाकी विचार को एक सिरे से खारिज करती है. उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को यह विश्वास दिलाया कि उनके सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. शिवपाल यादव ने यह बात उस समय कही है जब प्रसपा के सपा में विलय की चर्चाएं तेजी से चल रही थी.

शिवपाल ने प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गांव, गरीब, किसान, पिछड़े, दलित, व्यवसायी, मध्यवर्ग और युवाओं को सिर्फ छला है. सरकार शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान, रोजगार और इलाज उपलब्ध करा पाने में नाकामयाब रही है.

करीब साढ़े चार घंटे चली बैठक में राष्ट्रीय महासचिव रामनरेश यादव ने राजनीतिक एवं आर्थिक प्रस्ताव पेश किया. राष्ट्रीय महासचिव आदित्य यादव ने उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्युरिटी फोर्स के विरोध का प्रस्ताव रखा. प्रदेश प्रमुख महासचिव और पूर्व राज्य सभा सदस्य वीरपाल यादव ने कहा कि देश के हालात 1990 के आर्थिक संकट से में भयावह है. पूर्व मंत्री कमाल युसुफ ने सच्चर कमिटी की सिफारिशें वर्तमान संदर्भ में लागू करने का प्रस्ताव रखा। पूर्व मंत्री शादाब फातिमा ने महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में नए कानून की मांग का समर्थन किया.

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कार्यकारिणी ने प्रस्ताव में कहा है कि उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय मात्र 70,419 रुपये है जो भारत की औसत आय (1,34,432 रु0) की लगभग आधी और गोवा (4,75,532 रु0) की प्रति व्यक्ति आय से करीबन सात गुणा कम है. शीर्ष एक फीसदी अमीरों और गरीबों में 60 लाख गुणा अंतर है. इतनी व्यापक आर्थिक विषमता दुनिया में कहीं भी नहीं है. एनसीआरबी (गृह मंत्रालय) की प्रामाणिक अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार प्रतिदिन 35 युवा बेरोजगार व 36 उद्यमी आत्महत्या के लिए अभिशप्त हैं.

 

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