विकास दुबे के भाई पर मुकदमा दर्ज, SIT ने पकड़ा झूठ

Smart News Team, Last updated: Thu, 26th Nov 2020, 2:42 PM IST
  • बिकरुकांड की जांच के लिए गठित एसआईटी की रिपोर्ट में दीपक के झूठा शपथपत्र प्रस्तुत कर लाइसेंसी रायफल हासिल किए जाने का जिक्र किया गया था.
विकास दूबे

लखनऊ: कानपुर के बिकरु गांव में सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की नृशंस हत्या करने वाले विकास दुबे के भाई दीपक उर्फ दीप प्रकाश के खिलाफ कृष्णानगर कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है. बिकरुकांड की जांच के लिए गठित एसआईटी की रिपोर्ट में दीपक के झूठा शपथपत्र प्रस्तुत कर लाइसेंसी रायफल हासिल किए जाने का जिक्र किया गया था. जिसके आधार पर कृष्णानगर इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय ने मुकदमा दर्ज कराया है.

अक्टूबर 2017 में विकास दुबे को एटीएफ ने विकास नगर से गिरफ्तार किया था. उस वक्त विकास के पास से .30 कैलिबर की स्प्रिंगफील्ड रायफल बरामद हुई थी. रायफल का लाइसेंस दीपक के नाम पर 6 फरवरी 2010 को कानपुर से जारी हुआ था. भाई की लाइसेंसी रायफल विकास अपने पास रखता था. 

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एसटीएफ के रायफल जब्त करने के बाद दीपक उसे छुड़ाने के लिए जद्दोजहद कर रहा था. एसआईटी की रिपोर्ट में तत्कालीन इंस्पेक्टर कृष्णानगर के खिलाफ भी लघुदण्ड की संस्तुति की गई है.

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बता दे कि झूठा शपथपत्र लगा कर रायफल दीपक ने हासिल कर ली थी. वहीं, दीपक से यह रायफल विकास ने ली थी. 2 जुलाई की रात दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर की गई फायरिंग में भी .30 कैलिबर की स्प्रिंगफील्ड रायफल का इस्तेमाल विकास ने किया था. इस हमले में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिस कर्मियों की मौत हुई थी.

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