योगी के मंत्रिमण्डल में होगा विस्तार, 6 से 7 नए होंगे शामिल कुछ की होगी विदाई

Smart News Team, Last updated: 06/12/2020 09:52 AM IST
  • ये योगी मंत्रिमण्डल का आखरी फेरबदल माना जा रहा है. नए मंत्रिमंडल में छह से सात नए चेहरों को मौका मिल सकता है. आरोपों में घिरने वाले और खराब कामकाज वालों को बाहर किया जा सकता है. मंत्रिमंडल विस्तार में विधानसभा चुनाव 2022 को देखते हुए जातीय व क्षेत्रीय समीकरण को महत्व दिए जाने की चर्चा की है.
योगी के मंत्रिमण्डल में होगा विस्तार, 6 से 7 नए होंगे शामिल कुछ की होगी विदाई

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा आजकल जोरों पर है. जानकारों की मने तो मंत्रिमण्डल में छह से सात नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है. प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से चर्चा कर चुके हैं, अब वह केंद्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट देंगे. इसके बाद तय किया जाएगा कि मंत्रिमंडल में कौन शामिल होगा और कौन बाहर जायेगा. ये योगी मंत्रिमण्डल का आखरी फेरबदल माना जा रहा है. नए मंत्रिमंडल में छह से सात नए चेहरों को मौका मिल सकता है. आरोपों में घिरने वाले और खराब कामकाज वालों को बाहर किया जा सकता है. मंत्रिमंडल विस्तार में विधानसभा चुनाव 2022 को देखते हुए जातीय व क्षेत्रीय समीकरण को महत्व दिए जाने की चर्चा की है, जिससे इसका फायदा मिल सके. जिन वर्गों को अभी तक प्रतिनिधित्व मंत्रिमंडल में नहीं है उन्हें मौका दिया जा सकता है.

बता दें कि योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री रहे चेतन चौहान और कमला रानी वरुण का निधन हो गया है. इसके कारण अभी कैबिनेट में दो मंत्रियों के स्थान रिक्त हैं. वहीं कुछ अन्य नए लोगों को कैबिनेट में जगह देने की चर्चा जोरों पर है. भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह अब मिशन 2022 की तैयारी में लग गए हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि कुछ मंत्रियों के परफार्मेंस के आधार पर उन्हें हटाया जा सकता है.

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इससे पहले हुए विस्तार में 18 मंत्रियों को शामिल किया गया था।

माना जा रहा है कि दलित और पिछड़े को प्रमुख रूप से जगह दी जानी है. इससे पहले हुए विस्तार में 18 मंत्रियों को शामिल किया गया था. अभी कुल 54 मंत्री हैं, जिनमें 23 कैबिनेट, 9 स्वतंत्र प्रभार और 22 राज्यमंत्री हैं. इनमें कुछ विवादों में आए हैं और कुछ उम्रदराज लोगों को दूसरी जिम्मेदारी में लगाए जाने की संभावना है. कुछ लोगों को संगठन में भेजा सकता है.कमलरानी वरूण के निधन के बाद मंत्रिमंडल में महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम हो गई है. अब इस संख्या को भी बढ़ाया जा सकता है.

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