UP Election 2022: हंडिया से टिकट नहीं मिलने पर सपा नेताओं का फूटा गुस्सा

Komal Sultaniya, Last updated: Fri, 28th Jan 2022, 8:20 AM IST
  • यूपी आगमी विधानसभा के लिए टिकट नहीं मिलने पर सपा में नेताओं का गुस्सा फूटा. हंडिया से टिकट कटने पर आक्रोशित पूर्व विधायक प्रशांत सिंह ने बागी तेवर अपनाते हुए पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया.
Up election 2022: हंडिया से टिकट नहीं मिलने पर सपा नेताओं का फूटा गुस्सा (फाइल फोटो)

यूपी आगमी विधानसभा के लिए टिकट नहीं मिलने पर सपा में नेताओं का गुस्सा फूटा. हंडिया से टिकट कटने पर आक्रोशित पूर्व विधायक प्रशांत सिंह ने बागी तेवर अपनाते हुए पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया. पार्टी की महिला नेता मंजू पाठक ने उत्तरी सीट पर टिकट वितरण में भेदभाव का आरोप लगाते हुए जिला पार्टी कार्यालय के सामने धरना दिया.

बसपा से आए हाकिम लाल बिंद को हंडिया से सपा प्रत्याशी बनाने के विरोध में पूर्व विधायक प्रशांत सिंह ने गुरुवार शाम चुनाव लड़ने की घोषणा की. प्रशांत का टिकट कटने की सूचना पर समर्थक उनके आवास पर शाम को एकत्र हुए. जुनेदपुर स्थित आवास में समर्थकों के साथ बैठक के बाद प्रशांत सिंह ने चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि समर्थकों संग मंत्रणा के बाद तय करेंगे कि किस पार्टी से चुनाव लड़ना है.

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इससे पहले जॉर्जटाउन स्थित सपा के जिला कार्यालय पर मंजू पाठक ने समर्थकों के साथ उत्तरी से संदीप यादव को प्रत्याशी बनाने में पक्षपात और पैसा लेकर टिकट देने का आरोप लगाकर धरना दिया. उन्होंने कहा कि उत्तरी से टिकट के लिए 11 आवेदन हुए थे. चार आवेदन एक वर्ग के थे. लेकिन पार्टी नेतृत्व ने एक दावेदार को बुलाया और टिकट दे दिया. मंजू ने टिकट वितरण में पार्टी के जिला अध्यक्ष योगेंद्र यादव पर भी पक्षपात का आरोप लगाया कहा कि जिलाध्यक्ष को शहर की सीटों के लिए टिकट बंटवारे में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए था लेकिन जिलाध्यक्ष तीन दिन तक लखनऊ में डटे रहे और अपने चहेते को टिकट दिला दिया. बाद में जिलाध्यक्ष ने मंजू पाठक को पार्टी के शीर्ष नेताओं से बात कराने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया.

विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से हताश पूर्व विधायक सत्यवीर मुन्ना ने टिकट नहीं मिलने पर सोशल मीडिया पर लिखा है, महोदय मेरा जुर्म बताया होता, फिर मेरा कत्ल किया होता. आगे लिखा बरसों बरस यदि इतनी निष्ठा, ईमानदारी, कर्मठता के बाद आपने हमें निराश किया. क्या आंदोलन, क्या पार्टी के सभी कार्यक्रम हों, दो लोकसभा उपचुनाव, एमएलसी आदि के चुनाव, क्या धरना, क्या प्रदर्शन, जिसके लिए नातेदार भाई परिवार सब खोया पर आप हमें समझ नहीं पाए. पूर्व विधायक लिखते हैं बरसों बरस रात दिन एक मजदूर की तरह पार्टी और जनता की सेवा की. एक बाहरी के आने के बाद बीते बरसों से खूब अपमान किया गया. फिर भी दिन-रात समाजवाद का झंडा उठाए रहे. पूर्व विधायक लिखते हैं सोरांव की प्रगति और गौरव को आगे बढ़ाने की एक धुन के साथ हम क्षमता, बंधुत्व और न्याय वाले लोग हैं. यदि हमारी कुर्बानी से यह स्थापित होता है तो खुश रहो अहले वतन हम तो सफर करते हैं. पूर्व विधायक के इस पोस्ट पर 250 से अधिक कमेंट्स और एक हजार लाइक हैं.

 

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