SP सांसद आजम खां को मेदांता अस्पताल से सीतापुर जेल में किया जाएगा शिफ्ट, हॉस्पिटल पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

Ankul Kaushik, Last updated: Fri, 10th Sep 2021, 1:10 PM IST
  • लखनऊ के मेदांता अस्पताल में इलाज करा रहे सपा सांसद आजम खां को आज 10 सितंबर को सीतापुर जेल में शिफ्ट किया जाएगा. इसके लिए पुलिस और कारागार अधिकारी लखनऊ पहुंच गए हैं और वह विभागीय प्रक्रिया को पूरा कर रहे हैं. सपा सांसद एक बजे तक मेदांता से डिस्चार्ज हो सकते हैं.
सपा सांसद आजम खां को मेदांता लखनऊ से सीतापुर जेल लाने की तैयारी, (फाइल फोटो)

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां आज 10 सितंबर को लखनऊ के मेदांता अस्पताल सीतापुर जेल में शिफ्ट कराए जाएंगे. इन्हे जेल ले जाने के लिए पुलिस और कारागार अधिकारी लखनऊ पहुंच गए हैं. ये अधिकारी लखनऊ के मेदांता अस्पताल में पहुंचकर विभागीय प्रक्रिया को पूरा कर रहे हैं और दोपहर एक बजे तक सपा सांसद मेदांता से डिस्चार्ज हो सकते हैं. सीतापुर जेल में आजम खां को सांस लेने में तकलीफ के कारण मेदांता अस्पताल भर्ती किया गया था. लखनऊ के मेदांता अस्पताल में क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों की टीम उनकी निगरानी कर रही है और उनके इलाज का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. इससे पहले सपा सांसद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला खा को कोरोना संक्रमण के चलते मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मेदांता अस्पताल पहुंचकर आजम खां के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी. इस दौरान यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश ने कहा था कि हम चाहते हैं कि सपा सांसद आजम खां जल्द ठीक हो जाएं. इसके साथ ही अखिलेश ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि आजम खां को झूठे मुकदमों में फंसाया गया है और उन्हें जितना परेशान किया जा सकता था किया गया है.

योगी सरकार का SP सांसद आजम खां को एक और झटका, जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन पर प्रशासन का कब्जा

वहीं योगी सरकार ने आजम खां को एक और बड़ा झटका दिया है. सपा सांसद के मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से 70 हेक्टेयर से अधिक जमीन वापस ले ली है. इस मामले में रामपुर के सदर तहसीलदार प्रमोद कुमार ने कहा कि इलाहबाद हाई कोर्ट ने बेदखली की प्रक्रिया के खिलाफ अपील खारिज कर दी थी और इस वजह से ही प्रशासन ने जौहर यूनिवर्सिटी की सरकारी जमीन पर कब्जा किया है. न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मार्च 2020 में एसडीएम द्वारा भूमि पर निर्माण के साथ-साथ 16 जनवरी 2021 को अतिरिक्त आदेश के आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी.

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