पंचायत चुनाव में शिक्षकों की मौत पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बोले- महा झूठ का विश्व रिकॉर्ड बना रही भाजपा

Smart News Team, Last updated: Wed, 19th May 2021, 3:18 PM IST
  • सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी पंचायत में शिक्षकों के मामले में कहा है कि शिक्षकों और कर्मचारियों को मौत के मामले में झूठ बोल रही है. शिक्षक संघ द्वारा मिले आँकड़ा 1000 से अधिक बता रहे है तो वहीं यूपी सरकार 3 शिक्षकों की मौत की बात बता रही है. इस तरह भाजपा सरकार महा झूठ का विश्व रिकॉर्ड बना रही है.
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा शिक्षको की मौत पर झूठ बोल रही भाजपा सरकार.( फाइल फोटो )

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पंचायत चुनाव के दौरान हुई शिक्षकों की मौत के मामले में यूपी सरकार पर निशाना साधा है. अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा, कि भाजपा सरकार मुआवज़ा देने से बचने के लिए पंचायत चुनाव में 3 शिक्षकों की मौत बता रही है. जबकि शिक्षक संघ का दिया आँकड़ा 1000 से अधिक है. इस तरह भाजपा सरकार महा झूठ का विश्व रिकॉर्ड बना रही है. साथ ही कहा, कि ड्यूटी के दौरान हुए शिक्षकों की मौत का हृदयहीन भाजपा सरकार नहीं जानती है.

बुधवार को किए अपने ट्वीट में अखिलेश यादव ने कहा, "उप्र की निष्ठुर भाजपा सरकार मुआवज़ा देने से बचने के लिए अब ये झूठ बोल रही है कि चुनावी ड्यूटी में केवल 3 शिक्षकों की मौत हुई है जबकि शिक्षक संघ का दिया आँकड़ा 1000 से अधिक है. भाजपा सरकार ‘महा झूठ का विश्व रिकॉर्ड’ बना रही है. परिवारवालों का दुख ये हृदयहीन भाजपाई क्या जानें."

प्रियका गांधी ने बोला हमला, कहा- पंचायत चुनाव में हुए शिक्षकों की मौत पर झूठ बोल रही यूपी सरकार

इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियका गांधी ने पंचायत चुनाव में शिक्षकों की मौत के मामले में यूपी सरकार को घेरा है. उन्होने कहा, कि जीते जी इन शिक्षकों को उचित सुरक्षा उपकरण और इलाज नहीं मिला परन्तु मृत्यु के बाद भी सरकार उनका सम्मान भी छीन रही है.

योगी सरकार बोली- चुनाव में शिक्षकों की मौत की संख्या बढ़ाकर बता रहे संघ

प्राथमिक शिक्षक संघ ने 16 मई को योगी सरकार को एक सूची भेजी थी. इस सूची में प्रदेश के सभी 75 जिलों में 1,621 शिक्षकों, अनुदेशकों, शिक्षामित्रों व कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण से मौत की बात बताई गई थी. सूची के आधार पर सबसे ज्यादा 68 शिक्षकों-कर्मचारियों की मौतें आजमगढ़ जिले में हुई थी. इसके बाद गोरखपुर में 50, लखीमपुर में 47, रायबरेली में 53, जौनपुर में 43, इलाहाबाद में 46, लखनऊ में 35, सीतापुर में 39, उन्नाव में 34, गाजीपुर में 36, बाराबंकी में 34 शिक्षकों या कर्मचारियों की मौत की बात कहीं गई थी.

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