फर्जी शिक्षकों की जांच में STF तेजी से कर रहा काम, VRS वाले टीचर्स की मांगी सूची

Smart News Team, Last updated: 08/12/2020 06:05 PM IST
  • एसटीएफ ने फर्जी शिक्षकों पर शिकंजा कसने के लिए बेशिक शिक्षा विभाग से वीआरएस लेने वाले शिक्षकों की सूचि मांगी है. स्पेशल टास्क फाॅर्स को जानकारी मिली थी की कई फर्जी अध्यापकों ने जांच शुरू होने के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर चले गए.
बेशिक शिक्षा विभाग से एसटीएफ ने वीआरएस लेने वाले शिक्षकों की सूचि मांगी

उत्तेर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षकों की जांच कर रही है. जिसके लिए एसटीएफ ने बेसिक शिक्षा विभाग से ऐसे शिक्षकों की सूचि मांगी है जो पिछले तीन सालों से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर गए है. एसटीएफ ऐसे शिक्षकों की सूचि इसलिए मांग रही क्योकि ऐसा माना जा रहा है कि वीआरएस लेकर फर्जी शिक्षाक जांच से बचना चाहते है. जिसकी जाँच एसटीएफ कि टीम 2018 से कर रही है.

योगी सरकार की तरफ से निर्देश मिलने के बाद से साल 2018 से एसटीएफ फर्जी शिक्षकों की जांच कर रही है. एसटीएफ ने अपने जांच में कई शिक्षकों को गिरफ्तार कर चुकी है जिसके बाद से उन्हें सेवा से बर्खास्त भी किया जा चूका है. इन फर्जी शिक्षकों में से ऐसे कई है जो दूसरों के अंक पत्रों पर नौकरी कर रहे थे.

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फर्जी शिक्षकों की जाँच कर रही एसटीएफ टीम को जानकारी मिली थी कि कुछ शिक्षक नया पैन कार्ड बनवा रहे है. जिसके बाद से एसटीएफ ने अपने जांच करने का तरिके में बदलाव किया. जानकारी के अनुसार एसटीएफ को ये सुचना मिली थी कि फर्जीवडे से नियुक्त हुए शिक्षक जांच के शुरू होने के बाद विभाग से मिली भगत कर वीआरएस ले लिया है. वीआरएस लेने वाले शिक्षकों में कुछ ऐसे है जिन्होंने ने दो दशक तक काम कर चुके है.

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अभी तक एसटीएफ कि तरफ से बेसिक शिक्षा विभाग को 76 संदिग्ध शिक्षकों की सूचि सौपी जा चुकी है. जिसपर डीजी स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद सभी 76 शिक्षकों के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए निर्देश भी दिए थे, लेकिन अभी तक उसके कार्यवाही का कोई ब्यौरा नहीं भेजा गया है. जिसके बाद निदेशक बेसिक शिक्षा एवं सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को महानिदेशक ने कार्यवाही का ब्यौरा नहीं भेजे जाने पर पत्र लिखकर नाराजगी जताई है. साथ ही उस पत्र में दो दिन के अंदर सभी ब्योरे उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिया है.

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