UP पंचायत चुनाव: इलेक्शन ड्यूटी में नहीं होगी अफसरों की मनमर्जी, EC रखेगा नजर

Smart News Team, Last updated: Sat, 30th Jan 2021, 11:53 PM IST
  • यूपी पंचायत चुनाव में राज्य निर्वाचन आयोग अपने पोर्टल से सभी अधिकारियों की इलेक्शन ड्यूटी पर नजर रखेगा. अगर कोई बिना किसी ठोस कारण के मनमर्जी से ड्यूटी काटता है जो राज्य निर्वाचन आयोग जवाब के लिए तलब कर सकता है.
यूपी पंचायत चुनाव में राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव वेब पोर्टल के जरिए कामकाज की निगरानी रखेगी.

लखनऊ. यूपी पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. यूपी के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अमनी मनमर्जी से ड्यूटी नहीं काट सकते हैं. चुनाव आयोग अपने पोर्टल के जरिए सभी के कामकाज पर नजर रखेगा. अगर राज्य निर्वाचन आयोग को कुछ गड़बड़ी दिखती है तो उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को जवाब के लिए तलब किया जा सकता है.

इस बारे में राज्य निर्वाचन आयोग के अपर निर्वाचन आयुक्त वेद प्रकाश वर्मा ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग का अपना साफ्टवेयर है. इलेक्शन ड्यूटी से मुक्त करने के लिए जितने भी आवेदन आएंगे उनका ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर एक तय सीमा से ज्यादा इलेक्शन ड्यूटी काटी गई तो फिर आयोग इस बारे में जिलों के इन अफसरों से पूछताछ करेगा.

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राज्य निर्वाचन आयोग के अपर निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार के मानव संपदा पोर्टल पर कुल 13 लाख 25 हजार कार्मिक डेटा दर्ज है. इसमें सचिवालय और निदेशालयों के भी कार्मिक शामिल हैं. उन्होंने कहा कि आमतौर पर सचिवालय और निदेशालयों के कार्मिकों को इलेक्शन ड्यूटी पर नहीं लगाया जाता है. शिक्षक, संविदा, पीएसयू और सहकारी बैंक समेत कुल 12 लाख 50 हजार कार्मिकों का डेटा बेस निर्वाचन आयोग ने तैयार कर लिया है. इनमें से लगभग साढ़े तीन लाख शिक्षक हैं.

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आपको बता दें कि पंचायत चुनाव में ड्यूटी आमतौर पर जिलों के एडीएम प्रशासन या सीडीओ लगाते हैं. इनको उप जिला निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी दी जाती है और यही लोग ड्यूटी लगाने के लिए अधिकृत होते हैं. ऐसे में अगर कोई अपनी मनमानी से इलेक्शन ड्यूटी काटता है तो उसे राज्य निर्वाचन आयोग जवाब के लिए तलब कर सकता है.

 

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