अयोध्या मस्जिद को नहीं बनवा सकेंगे सभी मुसलमान, बस हलाल की कमाई का होगा इस्तेमाल

Smart News Team, Last updated: 13/09/2020 07:52 PM IST
अयोध्या में सुप्रीम कोर्ट से सुन्नी वक्फ बोर्ड को मिली जमीन पर मस्जिद का निर्माण जायज तरीके से कमाए गए पैसे से किया जाएगा. इसके लिए एक गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है.
5 एकड़ की वह जमीन जहां मस्जिद बनेगी

लखनऊ.  राम मंदिर का निर्माण शुरू होने के बाद अब मस्जिद को लेकर भी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. मस्जिद के लिए सुप्रीम कोर्ट से 5 एकड़ जमीन अयोध्या के धन्नीपुर गांव में मिली है. इसका निर्माण सारे मुसलमानों के पैसा नहीं होगा बल्कि शरई तौर पर जायज तरीके से किया जाएगा. इसके लिए बनाए गए ट्रस्ट ने एक गाइडलाइन भी जारी कर दी है.

सुप्रीम कोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को धन्नीपुर गांव में मस्जिद, अस्पताल और इण्डो-इस्लामिक कल्चरल रिसर्च सेंटर के निर्माण की मंजूरी दी है. उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने इसके लिए इण्डो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन का गठन किया है. जिसने मस्जिद के निर्माण में आर्थिक सहयोग के लिए एक गाइडलाइन भी जारी की है. इस ट्रस्ट के सचिव और प्रवक्ता अतहर हुसैन ने कहा कि मस्जिद का निर्माण सिर्फ जायज पैसों से ही किया जा सकता है. मस्जिद के लिए सिर्फ पवित्र धन ही जमा किया जाएगा.

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अतहर हुसैन ने बताया कि ब्याज, शराब के कारोबार और जमाखोरी से कमाया गया पैसा इस्लाम में हराम है इसलिए यहां से पैसा नहीं लिया जाएगा. इसके अलावा देश के कानून के खिलाफ जाकर कमाया जाने वाला पैसा भी मस्जिद निर्माण के लिए नहीं लिया जाएगा. ट्रस्ट ने पैसा जमा करने के लिए बैंक में खाते भी खोले हैं. ट्रस्ट ने मस्जिद के लिए अलग और अस्पताल, इण्डो-इस्लामिक रिसर्च सेंटर के लिए अलग खाता खोला है। ट्रस्ट के प्रवक्ता अतहर ने बताया कि कि 5 एकड़ जमीन पर होने वाले निर्माण के लिए दो बैंक खाते खोले गए हैं.

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एक खाता लखनऊ के गोमतीनगर के एचडीएफसी बैंक की विभूतिखंड ब्रांच में खोला गया है. जिसका अकाउंट नंबर 696105600633 है. गोमतीनगर के उसी बैंक में दूसरा खाता खोला गया है. जिसका अकाउंट नबर 50200051385575 है. अतहर ने बताया कि जल्द ही ट्रस्ट की वेबसाइट और पोर्टल लांच किया जाएगा. उसके बाद ही तय होगा कि किस अकाउंट में मस्जिद, अस्पताल और इंडो-इस्लामिक रिसर्च सेंटर के लिए सहयोग लिया जाएगा.

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