SC ने CBI कोर्ट से कहा- बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में 30 सितंबर तक फैसला दें

Smart News Team, Last updated: Sun, 23rd Aug 2020, 6:44 AM IST
  • अयोध्या के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई कोर्ट को 30 सितंबर तक फैसला सुनाने का आदेश दिया है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती इस मामले में आरोपी है.
बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और अन्य नेता आरोपी हैं.

लखनऊ. अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई ट्रायल कोर्ट को 30 सितंबर तक फैसला सुनाने का समय दिया है. बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और अन्य नेता बतौर आरोपी हैं.

19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन की अध्यक्षता वाली बेंच ने सीबीआई कोर्ट को 30 सितंबर तक फैसला सुनाने की समय सीमा का आदेश दिया था. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाने का समय 31 अगस्त तक का दिया था.

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विशेष न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार यादव ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में फैसला सुनाने के लिए समय की मांग करते हुए एक याचिका दाखिल की थी. गौरतलब है कि न्यायाधीश सुरेश कुमार यादव बाबरी मस्जिद विध्वंस से संबंधित मामले की सुनवाई कर रहे हैं.

अयोध्या बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने 24 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में अपना बयान दर्ज करवाया था. आडवाणी ने खुद को निर्दोष बताया था. उनका कहना था कि उन पर लगे सभी आरोप राजनीति से प्रेरित है.

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इसी मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने भी अदालत में बयान दर्ज करवाया था. उन्होंने खुद को बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में निर्दोष बताया था. उनका कहना था कि केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक से प्रेरित होकर, उन्हें गलत तरीके से फंसाया है।

 

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