सपा का पंजीकरण रद्द करने की SC में याचिका दायर, याचिकाकर्ता ने लगाया ये आरोप

Shubham Bajpai, Last updated: Mon, 17th Jan 2022, 2:20 PM IST
  • सुप्रीम कोर्ट में समाजवादी पार्टी का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आदेश देने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई. याचिकाकर्ता ने कहा कि निर्वाचन आयोग के आदेश के बाद भी सपा अपने उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास का खुलासा नहीं करते हैं.
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) 

नयी दिल्ली (वार्ता). सयूपी चुनाव 2022 के दंगल के बीच समाजवादी पार्टी को झटका देने वाली एक खबर सामने आई है. सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका कर्ता ने समाजवादी पार्टी के रजिस्ट्रेशन को रद्द करने का आदेश देने की मांग से जुड़ी एक जनहित याचिका दायर की है. 

याचिकाकर्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने याचिका में कहा कि सपा ने उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड को समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में प्रकाशित-प्रसारित नहीं किया, और न ही उसके चयन की वजह बतायी है. जबकि निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए है कि वह उन राजनीतिक दलों के पंजीकरण रद्द कर दें, जो चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास का खुलासा नहीं करते हैं.

याचिकाकर्ता भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने कहा कि याचिका में उच्चतम न्यायालय से गुहार लगाई गई है कि वह निर्वाचन आयोग को यह निर्देश दे कि वह सपा समेत उन राजनीतिक दलों के पंजीकरण रद्द कर दें, जो चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास का खुलासा नहीं करते हैं.

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अश्विनी कुमार उपाध्याय ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कैराना निर्वाचन क्षेत्र से सपा ने नाहिद हसन को चुनावी मैदान में उतारने घोषणा की है. हसन एक कुख्यात गैंगस्टर है लेकिन सपा ने इस उम्मीदवार के आपराधिक रिकॉर्ड को समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में प्रकाशित-प्रसारित नहीं किया, और न ही उसके चयन की वजह बतायी है.

याचिकाकर्ता का कहना है कि उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में जानकारी नहीं देना उच्चतम न्यायालय के फरवरी 2020 के फैसले के खिलाफ है.

अश्विनी कुमार उपाध्याय का कहना है कि अपने फैसले में उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करते वक्त राजनीतिक दलों के लिए संबंधित व्यक्ति का अपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करना अनिवार्य है.

 

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