शिक्षकों के परिजनों को भी मिल सकेगा ग्रेच्युटी का लाभ, शिक्षा विभाग ने तेज की तैयारी

Nawab Ali, Last updated: Thu, 7th Oct 2021, 8:19 AM IST
  • उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार शिक्षकों को जल्द ही सौगात देने की तैयारी कर रही है. एडेड माध्यमिक कॉलेजों के अधिवर्षता आयु का विकल्प न देने वाले मृत शिक्षकों के परिजनों को सरकार ग्रेच्युटी देने की तैयारी कर रही है.
यूपी में शिक्षकों के परिजनों को भी मिलेगा ग्रेच्युटी का लाभ. (फाइल फोटो)

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार शिक्षकों को जल्द ही सौगात देने की तैयारी कर रही है. एडेड माध्यमिक कॉलेजों के अधिवर्षता आयु का विकल्प न देने वाले मृत शिक्षकों के परिजनों को सरकार ग्रेच्युटी देने की तैयारी कर रही है. जिसके लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है. जिन शिक्षकों ने अधिवर्षता आयु का विकल्प नहीं दिया और उनकी मौत हो गई ऐसे में या विकल्प दिया था लेकिन एक साल पहले ही उनकी मौत हो गई है इन सभी शिक्षकों को विभाग ग्रेच्युटी देने की तैयारी कर रहा है. 

उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मंडलीय अफसरों को ऐसे शिक्षकों का ब्यौरा भी जुटाने के लिए कहा है जिन्होंने 62 साल का चयन किया था लेकिन एक वर्ष पहले ही उनकी मौत हो गई. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने उन शिक्षकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं. दरअसल फिलहाल शिक्षकों की मौत के बाद परिजनों को ग्रेच्युटी देने का प्रावधान नहीं है. एडेड स्कूलों में शिक्षकों की रिटायरमेंट आयु 62 वर्ष होती लेकिन शिक्षकों को दो विकल्प दिए जाते हैं एक 60 साल की उम्र में अगर रिटायरमेंट लेते हैं तो उन्हें 16 महीनों का वेतन 20 लाख रूपये ग्रेच्युटी के रूप में दिया जाता है लेकिन अगर शिक्षक की मौत हो जाती है तो परिजनों को ग्रेच्युटी नहीं दी जाती है. 

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अगर कोई भी शिक्षक अपने सेवाकाल में आयु विकल्प नहीं देता है उसे 62 साल की उम्र में रिटायर होना पड़ता है. अगर रिटायरमेंट से एक साल पहले ही शिक्षक की मौत हो जाती है तो परिजनों को ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलता है. 

 

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