हर वर्ग और हर जाति के मिले वोटों ने ही लिख डाली भाजपा की जीत की कहानी

Smart News Team, Last updated: Wed, 11th Nov 2020, 2:40 PM IST
  • यूपी के उपचुनाव में भाजपा व अन्य पार्टियों के बीच मतों का अंतर यही कहानी कहता है, कि हर वर्ग और जाति में मिले वोटों ने ही भाजपा की जीत की कहानी लिखी है.और एक बार फिर बीजेपी का नारा सबका साथ और सबका विकास सफल साबित होता हुआ नजर आया है.
हर जाती हर वर्ग के वोटों से भाजपा ने जीत हासिल की है

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की 7 सीटों पर हुए उपचुनाव में एक बार फिर भाजपा के सबका साथ और सब के विकास के नारे ने नैया पार लगवा दी. जिसके चलते भाजपा को सब का साथ भी मिल और नतीजा यह रहा कि उत्तर प्रदेश के नौगावां सादात (अमरोहा), बुलंदशहर सदर,टूंडला (फिरोजाबाद), बांगरमऊ (उन्नाव),घाटमपुर (कानपुर),देवरिया सदर,मल्हनी (जौनपुर) विधानसभा सीटों में से 6 सीटों पर भाजपा का कब्जा बरकरार रहा और वहीं समाजवादी पार्टी भी अपनी सीट पर कब्जाा जमाए रखने में सफल रही है. 

जबकि उत्तर प्रदेश की 7 सीटों पर होने वाले उपचुनाव की घोषणा के बाद से ही विकास या समस्याओं को पीछे छोड़़ मतदाताओं को पूरी तरीके से जाति और धर्म के कार्ड़ में उलझाने की पूरी कोशिश की जा रही थी. लेकिन भाजपा लगातार प्रदेश सरकार द्वारा किये गये विकास कार्यों और केन्द्र की भाजपा सरकार की नीतियों व उपलब्धियों को लेकर मतदाताओं को लुभाने में जुटी हुई थी. तो वही विपक्षी दल लगातार कभी कानून व्यवस्था‚कभी बेरोजगारी तो कभी किसान समस्या को लेकर भाजपा को घेरने और मतदाताओं को अपने पाले में खड़़ा करने के प्रयास कर रही थी. लेकिन मतदान के ठीक कुुुछ दिन पहले सारे मुद्दे और समस्याएं एक किनारे हो गई और सभी दल अपने–अपने परम्परागत वोटों को सहेजने में जुट गये.

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जहां समाजवादी पार्टी क्षेत्र के यादव मतदाताओं के साथ मुस्लिम वोटरों के सहारे जीत का तानाबाना बुनने में जुट गयी‚वहीं बसपा ने अपने आधार दलित मतदाताओं के साथ मुस्लिमों को अपने पाले में खड़़ाकर जीत हासिल करने के प्रयास किये. इसी तरह कांग्रेस क्षेत्र में ठीक ठाक संख्या में कुर्मी मतदाताओं और मुस्लिम मतदाताओं के सहारे जीत की इबारत लिखने का प्रयास किया तो भाजपा ने इन सबसे हटते हुए हिन्दुत्व की लहर चलाने की कोशिश की लेकिन पूूूरे चुनाव में सबका साथ और सब के वििकास की बात भी करते रहे जिसका नतीजा यह हुआ कि भाजपा के हिन्दुत्व कार्ड़ ने न केवल क्षेत्र के सर्वण मतदाताओं को अपने साथ जोड़़ा बल्कि बड़़ी संख्या में दलित और कुछ पिछड़़ा वर्ग के मतदाताओं पर भी असर ड़ाला.

जबकि सपा‚कांग्रेस व बसपा अपने–अपने आधार जातीय वोटों के सहारे मुस्लिमों को यही संदेश देने में जुटे रहे कि भाजपा को वह हरा रहे हैं. ऐसे में मतदान के दिन क्षेत्र का मुस्लिम वोटर खासा भ्रमित नजर आया और अलग–अलग बूथों पर मुस्लिम मतदाता अलग–अलग प्रत्याशी के साथ भाजपा को हराने के मकसद से चला गया. नतीजतन भाजपा को तो हर उस बूथ पर कम या ज्यादा वोट मिले‚जहां बहुसंख्यक वर्ग के मतदाता थे. और वह करीब प्रत्येक मतदान केन्द्र में दमदार मौजूदगी दर्ज कराती रही‚जबकि सपा‚कांग्रेस और बसपा के प्रत्याशी अपने–अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों तक ही सीमित रहे.जबकि भाजपा व अन्य पार्टियों के बीच मतों का अंतर भी यही कहानी कहता है कि हर वर्ग और जाति में मिले वोटों ने ही भाजपा की जीत की कहानी लिख है. अरे एक बार फिर बीजेपी का नारा सबका साथ और सबका विकास सफल साबित होता हुआ नजर आया है.

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