चोरों को सच्चाई पता चली तो लौटा दिया सामान, चिट्ठी में लिखा- माफ कर दीजिए!

Ruchi Sharma, Last updated: Fri, 24th Dec 2021, 8:58 AM IST
  • उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में चोरों ने दुकान से हजारों के सामान पर हाथ साफ कर दिया, लेकिन बाद में पीड़ित की परेशानी जान कर चोरों को ना सिर्फ खेद हुआ बल्कि वह दुकानदार की हालत जानकर भावुक हो गए. चोरों ने बड़ा दिल रख कर पीड़ित का एक-एक सामान लौटा दिया. यही नहीं एक पत्र में लिखकर माफी भी मांगी.
चोरों को सच्चाई पता चली तो लौटा दिया सामान, चिट्ठी में लिखा- माफ कर दीजिए!

लखनऊ. शहर में चोरी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. आए दिन चोर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. इसी कड़ी में चोरी का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया. आपने डाकुओं को के चिट्ठी लिखकर डकैती की कहानियां तो काफी सुनी होंगी लेकिन शायद यह पहली बार सुना होगा कि जब एक चोरों ने दुकान से हजारों के सामान पर हाथ साफ कर दिया, लेकिन बाद में पीड़ित की परेशानी जान कर चोरों को ना सिर्फ खेद हुआ बल्कि वह दुकानदार की हालत जानकर भावुक हो गए. चोरों ने बड़ा दिल रख कर पीड़ित का एक-एक सामान लौटा दिया. यही नहीं एक पत्र में लिखकर माफी भी मांगी. चोरों ने चुराए गए सामान को एक बोरी और डिब्बे में पैक किया और उसके ऊपर एक पेपर में माफीनामा लिखकर चिपका दिया.

यह मामला उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का है. जानकारी के मुताबिक जिले के बिसंडा थाना इलाके के चन्द्रायल गांव में रहने वाले दिनेश तिवारी आर्थिक तौर पर काफी गरीब हैं. उन्होंने कुछ समय पहले ब्याज में 40 हजार रुपये का कर्ज लेकर वेल्डिंग का नया काम डाला था. रोजाना की तरह 20 दिसंबर सोमवार की सुबह जब वह अपनी दुकान खोलने पहुंचे तो दुकान का ताला टूटा मिला और औजार समेत अन्य सामान चोरी हो चुका था. जिसके बाद उन्होंने घटना की सूचना बिसंडा थाने में दी. थाने पर दरोगा के न होना पर केस दर्ज नहीं हो सका. बाद में 22 दिसंबर बुधवार को उन्हें गांव के लोगों से पता चला कि उनका सामान घर से कुछ दूरी पर एक खाली स्थान पर पड़ा है. चोर दिनेश का सामान गांव की ही एक खाली जगह पर फेंक गए थे.

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पेपर में लिखी ये बात..

चोरो ने सामान लौटाने के साथ ही उसमे एक पेपर भी चिपाया. पेपर में लिखा था कि, "यह दिनेश तिवारी का सामान है. हमें बाहरी आदमी से आपके बारे में जानकारी हुई. हम सिर्फ उसे जानते हैं जिसने हमें जानकारी दी कि पीड़ित दिनेश तिवारी कोई मामूली आदमी नहीं है. पर जब हमें जानकारी हुई तो हमें बहुत दुःख हुआ. इसलिए हम आपका सामान वापस देते हैं. गलत जानकारी की वजह से हमसे गलती हुई." माफीनामे से साफ है कि चोर बाहरी थे और इलाके के लोगों से वाकिफ नहीं थे, लेकिन चोरों की मदद करने वाला शख्स स्थानीय था और उसने जानबूझकर चोरों को गरीब के घर का पता दिया.

मौके पर नहीं पहुंचा दरोगा

पीड़ित के मुताबिक वेल्डिंग की दुकान में 20 दिसंबर यानी सोमवार को चोरी हो गई थी, जब वे दुकान पहुंते तो दुकान से दो वेल्डिंग मशीन, एक कांटा , एक बड़ी कटर मशीन, एक ग्लेंडर और एक ड्रिल मशीन कुल मिलाकर 6 सामान गायब थे. पीड़ित के मुताबिक चोरी की जानकारी पुलिस थाने में दी तो वहां मौजूद लोगों ने कहा कि दरोगा जी मौके पर चोरी का मुआयना करने आएंगे, लेकिन फिर कोई नहीं आया. वहीं 22 दिसंबर यानी बुधवार को मुझे गांव के किसी व्यक्ति ने जानकारी दी कि मेरा सामान सड़क किनारे एक जगह पर पड़ा हुआ है. जब वहां पहुंचे तो सारा सामान एक बोरी मे पैक कर के रखा था.सामान के ऊपर से एक पर्चा चिपका था, जिसमें लिखा था कि- यह चोरी गलती से हो गई थी.

एसएचओ फिल्मों जैसी घटना

इस पूरी घटना पर एसएचओ ने हैरानी जताई. उन्होंने कहा कि ये हास्यास्पद है कि कोई चोर कहीं से चोरी करे और सामान लौटा जाए. इतने सालों की नौकरी में उन्होंने ऐसा कभी नहीं देखा. उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल फिल्मों जैसी बात हो गई.

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