सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने ‘टाइगर’, देश भर से मदद के लिए आगे आए हजारों हाथ

Smart News Team, Last updated: Mon, 15th Feb 2021, 1:17 PM IST
  • चर्चित अखबार 'हिंदुस्तान' की तरफ से की गई एक्सक्लूसिव खबर ‘टाइगर जिंदा तो है पर दाने दाने को मोहताज’ के प्रकाशित होते ही देखते ही देखते पूरे सोशल मीडिया पर छा गई. खबर के फैलते ही गोरखपुर, गाजियाबाद, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों से पूर्व रॉ एजेंट की मदद के लिए लोग आगे आ रहे हैं.
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने ‘टाइगर’

लखनऊ। कुछ दिन पहले सामने आई पूर्व रॉ एजेंट की कहानी रविवार को पूरे देश में चर्चा का विषय बनी रही. बीते दिनों पहले चर्चित अखबार 'हिंदुस्तान' की तरफ से की गई एक्सक्लूसिव खबर ‘टाइगर जिंदा तो है पर दाने दाने को मोहताज’ के प्रकाशित होते ही देखते ही देखते पूरे सोशल मीडिया पर छा गई. खबर के फैलते ही गोरखपुर, गाजियाबाद, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों से पूर्व रॉ एजेंट की मदद के लिए लोग आगे आ रहे हैं.

पूर्व रॉ एजेंट मनोज रंजन दीक्षित के लिए गोरखपुर के हरिप्रसाद गोपीकृष्ण सर्राफ (एश्प्रा ज्वेल्स एंड जेम्स) ने एक लाख रुपए की मदद की है. गाजियाबाद के शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने उनको अपने प्रोजेक्ट में नौकरी देने और गाजियाबाद के रवीन्द्र सैनी नाम के एक समाजसेवी ने भी उनको रोजगार देने की बात कही है. इसके साथ ही बहराइच के रहने वाले एक समाजसेवी ने भी मदद करने का वादा किया है.

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वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के रहने वाले एक समाजसेवी और स्वतंत्रता सेनानी रहे हरपाल राणा खास तौर पर मनोज रंजन दीक्षित से मिलने के लिए सोमवार को लखनऊ पहुंचेंगे. खबर फैलते ही हर कोई पूर्व रॉ एजेंट की मदद के लिए तैयार है. एजेंट मनोज रंजन दीक्षित ने हिंदुस्तान अखबार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अगर पूरे देश में हिंदुस्तान जैसा मीडिया समूह मौजूद हो तो किसी को फिक्र करने की कोई जरूरत नही पड़ेगी. इस अखबार ने कमज़ोर आवाजों को बुलंद तरीके से उठाया है.

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उत्तर प्रदेश के वाराणसी के एक टैक्स एक्सपर्ट प्रेम शंकर मिश्रा ने हिन्दुस्तान अखबार में प्रकाशित खबर की कटिंग पोस्ट करते हुए फेसबुक और ट्विटर पर लिखा कि बहुत ही संवेदनशील मामला...सरकार को ऐसे देशभक्तों का ध्यान रखना चाहिये और उनके सम्मानजनक जीवन की व्यवस्थायें बनानी चाहिये.

 

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