दाखिल खारिज-फ्री होल्ड के 23 फीसदी ऑनलाइन आवेदन हो रहे रद्द, जानें क्या है वजह

Smart News Team, Last updated: Wed, 7th Jul 2021, 8:12 AM IST
  • दाखिल खारिज और फ्रीहोल्ड को लेकर ऑनलाइन आवेदन करने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल खबर है कि राज्य के विभिन्न विकास प्राधिकरणों में दाखिल खारिज और फ्रीहोल्ड के करीब 23 आवेदन निरस्त हो गए हैं. इसके पीछे की वजह हैरान करने वाली है.
दाखिल खारिज और फ्री होल्ड के ऑनलाइन आवेदन लगातार निरस्त हो रहे हैं

ऑनलाइन दाखिल खारिज-फ्रीहोल़्ड के आवेदन को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. दरअसल जानकारी यह है कि कुछ लोगों की गलती की वजह से ऑनलाइन दाखिल खारिज और फ्रीहोल्ड के करीब 23 फीसदी आवेदन रद्द हो रहे है. एलडीए में अकेले करीब 25 फीसदी ऑनलाइन आवेदन निरस्त हुए हैं. सबसे ज्यादा 40.82 फीसदी दाखिल खारिज और फ्रीहोल्ड के ऑनलाइन आवेदन प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने खारिज किए हैं. आवेदन खारिज होने का प्रमुख कारण उसमें दी गई जानकारी का गलत होना है.

बता दें कि शासन ने लोगों की सुविधा के लिए दाखिल खारिज, लीज की संपत्तियों की फ्री होल्ड करने, पैसा वापस लेने समेत 4 सेवाओं को ऑनलाइन किया है. इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए लोग अब बड़े पैमाने पर ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं. 4 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश भर के विकास प्राधिकरणों में कुल 30,962 लोगों ने अपने अलग-अलग कामों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है. इनमें से 16,457 लोगों के काम भी हो गए हैं. वहीं 7,146 लोगों के आवेदन निरस्त हो गए हैं. जो कुल आंकड़ों का 23.07 फीसदी है.

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एलडीए में दाखिल खारिज और फ्रीहोल्ड के 1027 आवेदन खारिज किए गए हैं. प्रयागराज विकास प्राधिकरम में सबसे ज्यादा 42.82 फीसदी आवेदन रद्द हुए हैं. इसके साथ ही कानपुर विकास प्राधिकरण में सबसे कम 56 ऑनलाइन आवेदन निरस्त हुए हैं. आवेदन खारिज होने के पीछे कारणों पर नजर डालें तो लोगों का गलत जानकारी देना, आवेदन का अपूर्ण होना, कर्मचारियों और अधिकारियों की लेटलतीफी और कुछ कामों के लिए स्पष्ट आदेश का ना होना प्रमुख कारण हैं.

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