लखनऊ में खुलेगा यातायात प्रशिक्षण महाविद्यालय, यहां मिली जमीन

Smart News Team, Last updated: Fri, 11th Dec 2020, 3:04 PM IST
  • लखनऊ में बनने जा रहा है पहला यातायात प्रशिक्षण महाविद्यालय। इसके लिए लखनऊ की मोहनलालगंज तहसील के परवर पश्चिम में 25 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
लखनऊ में बनने जा रहा है पहला यातायात प्रशिक्षण महाविद्यालय

लखनऊ: लखनऊ में यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। लखनऊ में बनने जा रहा है पहला यातायात प्रशिक्षण महाविद्यालय। इसके लिए लखनऊ की मोहनलालगंज तहसील के परवर पश्चिम में 25 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। 

यातायात विभाग के अधिकारियों के अनुसार “यह देश का पहला राज्यस्तरीय यातायात प्रशिक्षण महाविद्यालय होगा”। अधिकारियों ने यह भी बताया कि महाविद्यालय का कार्य जल्द ही शुरू होगा। महाविद्यालय में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ प्रदेश में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के कारणों व उनकी रोकथाम के लिए शोध भी होंगे। 

महाविद्यालय बनने से प्रदेश को होगा ये फायदा

मौजूदा समय में यातायात उपनिरीक्षकों की ट्रेनिंग सीतापुर आर्म्स पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में होती है। ट्रैफिक पुलिस के मुख्य आरक्षी व आरक्षी की ट्रेनिंग प्रदेश के अलग-अलग जिलों में होती है। जबकि यातायात के निरीक्षकों को ट्रेनिंग के लिए महाराष्ट्र व दिल्ली जाना पड़ता है। महाविद्यालय बन जाने से निरीक्षक से लेकर सिपाही तक की ट्रेनिंग नए महाविद्यालय में ही होगी। वर्तमान समय में यातायात पुलिस में करीब 5080 कर्मी तैनात है। पांच हजार और कर्मियों की यातायात विभाग में जुड़ने की खबर है. 

मिडल क्लास फैमिलीज को लुभाने के लिए योगी सरकार की नई योजनाएं, जानें डिटेल्स

यातायात विभाग के एडीजी ने बताया कि- यातायात विभाग में कर्मी सिविल पुलिस व पीएसी से निर्धारित अवधि के लिए आते हैं इसलिए उनका प्रशिक्षण महत्वपूर्ण हो जाता है। महाविद्यालय में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के उनके पद के अनुसार प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। प्रशिक्षण के लिए नए मानक भी तय किए जाएंगे। यातायात में सेवा देने के लिए उपयोग में आने वाली उपकरणों की जानकारी भी कर्मियों को दी जाएगी। इसके साथ ही यातायात के कानूनों की जानकारी भी कर्मियों को दी जाएगी. 

सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को जुटाकर उनके कारणों पर भी चर्चा की जाएगी ताकि भविष्य में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर काबू पाया जा सके। महाविद्यालय में वालेंटियर को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें