Bank Strike: बैंक यूनियन की हड़ताल से सरकारी बैंकों के ब्रांच बंद, लेन-देन पर भारी असर

ABHINAV AZAD, Last updated: Thu, 16th Dec 2021, 3:35 PM IST
  • लखनऊ में 905 बैंकों के 10 हजार कर्मचारी हड़ताल पर हैं. दरअसल, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आवाह्न किया है. इस वजह से लखनऊ में 1500 करोड़ रुपए का लेन देन प्रभावित होने का अंदेशा है.
यूनियन का आरोप है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण किए जाने का प्रयास हो रहा है.

लखनऊ. राजधानी लखनऊ समेत देश के सार्वजनिक क्षेत्र बैंक कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर हैं. इस हड़ताल की वजह से लखनऊ में 1500 करोड़ रुपए का लेन देन प्रभावित होने का अंदेशा है. बताया जा रहा है कि लखनऊ में 905 बैंकों के 10 हजार कर्मचारी हड़ताल पर हैं. दरअसल, बैंककर्मियों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आवाह्न किया है.

यूनियन का आरोप है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण किए जाने का प्रयास हो रहा है. इसके विरोध में यह हड़ताल की गई है. पहले दिन गुरुवार को हजतरगंज स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने सैकड़ों बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया. इस दौरान आयोजित सभा में ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन ऑयबाक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन कुमार ने सभा को सम्बोधित किया.

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ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन ऑयबाक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि निजीकरण से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में जमा 157 लाख करोड़ रुपए डूबने का अंदेशा है. वहीं ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन ऑयबाक के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि इस देशव्यापी बैंक हड़ताल के समर्थन में कई संगठन आगे आए हैं. उन्होंने बताया कि इनमें आर्यावर्त बैंक उत्तर प्रदेश के 26 जिलों के सात हजार कर्मचारी शामिल हैं. साथ ही देश के 45 ग्रामीण बैंकों के एक लाख कर्मचारी भी हड़ताल कर रहे हैं. बताते चलें कि देश के सार्वजनिक क्षेत्र बैंक कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर हैं. इस हड़ताल की वजह से लखनऊ में 1500 करोड़ रुपए का लेन देन प्रभावित होने का अंदेशा है. दरअसल, यूनियन का आरोप है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण किए जाने का प्रयास हो रहा है.

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