102 व 108 एम्बुलेंस सेवा ठप, स्टाफ का प्रदर्शन, मरीज बेहाल, जानें पूरा मामला

Smart News Team, Last updated: Mon, 26th Jul 2021, 12:09 PM IST
  • 102 और 108 एम्बुलेंस सेवा के चालकों और कर्मचारियों ने सेवा से हटाए जाने की आशंका पर प्रदर्शन करते हुए एम्बुलेंस सेवा ठप कर दी है. एएलएस के संचालन का ठेका दूसरी कंपनी को मिला. जो लगातर इसमें पहले से तैनात कर्मचारियों को हटाने की आशंका से नाराज हैं. कर्मचारीयों में इस बात को लेकर रोष है की दूसरी सेवा प्रदाता कम्पनी जिकित्जा हेल्थ केयर लगातार खुली भर्तियां करवा कर नए अभ्यर्थियों को भर्ती कर रही है.
लखनऊ में प्रदर्शन करते 102 व 108  एम्बुलेंस कर्मचारी 

लखनऊ: संविदा पर नियुक्त 102 और 108 एम्बुलेंस सेवा के चालकों और कर्मचारियों ने सेवा से हटाए जाने की आशंका पर प्रदर्शन करते हुए एम्बुलेंस सेवा ठप कर दी है. एएलएस के संचालन का ठेका दूसरी कंपनी को मिला. जो लगातर इसमें पहले से तैनात कर्मचारियों को हटाने की आशंका से नाराज हैं. वहीं प्रदर्शनकारियों एम्बुलेंस कर्मचारीयों ने बताया है की बहुत ज्यादा इमर्जेंसी के लिए सेवाएं दी जा रही हैं. कर्मचारीयों में इस बात को लेकर रोष है की दूसरी सेवा प्रदाता कम्पनी जिकित्जा हेल्थ केयर लगातार खुली भर्तियां करवा कर नए अभ्यर्थियों को भर्ती कर रही है. प्रदर्शनकारी एंबुलेंस कर्मचारियों का कहना है की सरकार और समाज ने कोरोना योद्धा व देव दूत जैसे नाम दिए. अब हमें बेरोजगार करने की योजना बनाई गई है.

कोरोना वायरस के संभावित तीसरे लहर की आशंका के बिच प्रदेश में एंबुलेंस सेवा 102 तथा 108 के कर्मी हड़ताल पर हैं. उत्तर प्रदेश में 102 तथा 108 एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी जीवीके ईएमआरआई के खिलाफ कर्मचारी लामबंद हो गए हैं. प्रदेश में एंबुलेंस की आपातकालीन सेवा बंद हो गई है. इससे मरीज के साथ तीमारदार बेहाल हो गए हैं.

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उत्तर प्रदेश स्वास्थ विभाग के साथ जीवीके ईएमआरआई 108 तथा 102 एंबुलेंस का संचालन करती है. आज इसके हजारों कर्मचारी हड़ताल पर हैं. जिससे एंबुलेंस सेवा ठप हो गई है. 102 एंबुलेंस के संचालन ठप होने से खासकर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल आने जाने में दिक्कत हो रही है. इन महिलाओं को घर से लाकर अस्पताल छोडना और अस्पताल से फिर उन्हेंं सुरक्षित घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी रहती है. इसके अलावा जिला अस्पताल आने जाने वाले लोगों के लिए भी 102 एंबुलेंस काफी सहायक है. हड़ताल के दौरान रोगियों को अस्पताल लाने और स्वास्थ परीक्षण के बाद उन्हेंं घर छोडऩे में बाधा उत्पन्न हो गई है.

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