यूपी में 20 हजार महिलाओं को रोजगार देगी योगी सरकार, बिजली विभाग में मिलेगा काम

Smart News Team, Last updated: Sun, 18th Jul 2021, 2:12 PM IST
  • यूपी के ग्रामीण इलाकों में बिजली बिल की वसूली के लिए 20 हजार महिलाओं को नौकरी पर रखने की प्लानिंग योगी सरकार कर रही है. ये महिलाएं स्वयं सहायता समूह की होंगी जो आने वाले समय में बिजली मीटर रीडिंग का काम भी करेंगी.
स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ग्रामीण इलाकों में करेंगी बिजली मीटर रीडिंग (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 20 हजार महिलाओं को योगी सरकार बिजली विभाग में रोजगार का मौका देने जा रही है. यूपी पॉवर कॉरपोरेशन समूह महिलाओं को बिलजी मीटर रीडिंग का काम देगी जिससे उसे लगता है कि राज्य भर में समय पर बिजली बिल जमा करने की संख्या बढ़ेगी. ग्रामीण इलाकों में बिजली मीटर की रीडिंग का काम करने वाली एजेंसी का कांट्रेक्ट दो महीने बाद खत्म होने जा रहा है. जिसके बाद नई एजेंसी का चयन किया जाएगा. इसके लिए एजेंसियों के सामने शर्त रखी जाएगी कि गांव-देहात के इलाकों में मीटर रीडिंग के लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को काम पर रखा जाए.

पावर कारपोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज ने बताया कि इस योजना से ग्रामीण इलाकों में समय से रीडिंग होने पर बिजली बिल जमा होने का ग्राफ बढ़ेगा. साथ ही हर गांव में उपभोक्ताओं को उनका बिल देने के लिए एजेंसी को मीटर रीडर भी मिल जाएगा. जानकारी के अनुसार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 8830 महिलाओं का पावर कारपोरेशन के पोर्टल पर एजेंट के रूप में रजीस्ट्रेशन है. इनमें से फिलहाल 2930 महिलाएं ग्रामीण इलाकों में बिजली बिल वसूले का काम कर रही है. वहीं अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

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इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बिल वसूली और मीटर रीडिंग से करीब 20 हजार महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की तैयारी है. महिलाओं को बिजली बिल वसूली और मीटर रीडिंग दोनों के एवज में कमीशन दिया जाएगा. योजना के अंतर्गत काम का बंटवारा इस प्रकार से होगा कि प्रत्येक महिला को महीने में कम से कम छह हजार रुपये की आमदनी मिले. इसके अलावा बिजली बिल वसूली में लगी जिन महिलाओं को मीटर रीडिंग का कार्य करने की भी इच्छा है उन्हें इसमें वरीयता भी मिलेगी.

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