यूपी 69000 शिक्षक भर्ती के SC-OBC आरक्षण में बड़ी गड़बड़ी, जानें डिटेल्स

Smart News Team, Last updated: Sun, 2nd May 2021, 11:32 AM IST
  • उत्तर प्रदेश में परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में हुई 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती में आरक्षण के नियमों की अनदेखी हुई है. यह माना गया है कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण अनारक्षित अभ्यर्थियों की आरक्षित अभ्यर्थियों के जगह पर नियुक्तियां की गई हैं.
यूपी 69000 शिक्षक भर्ती के SC-OBC आरक्षण में बड़ी गड़बड़ी, जानें डिटेल्स

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने इस बात को माना है कि परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में हुई 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती में आरक्षण के नियमों की अनदेखी हुई है. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. लोकेश कुमार प्रजापति की अंतरिम रिपोर्ट के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से जारी हर जिले की सूची के उद्धरण में यह साफ दिखता है कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण अनारक्षित अभ्यर्थियों की आरक्षित अभ्यर्थियों के जगह पर नियुक्तियां की गई हैं. उन्होंने यह भी माना कि इस प्रक्रिया में आरक्षण नीति का उल्लंघन किया गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आयोग के सामने राज्य सरकार ने काफी विरोधाभाषी जवाब दिया है. राज्य यह दिखाने में असफल रहा है कि भर्ती से पहले सहायक अध्यापकों की चयन प्रक्रिया में आरक्षण के नियमों को किस तरह और कैसे लागू किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक आखिरी चयन सूची में चुने गए अभ्यर्थियों की श्रेणी का कोई उल्लेख दर्ज नहीं किया गया है जबकि सूचियों को जिलेवार प्रकाशित करते समय चयनित उम्मीदवारों की श्रेणी का उल्लेख किया गया था.

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अंतरिम रिपोर्ट में बताया गया कि सभी जिलों में प्रकाशित सूचियों और अभ्यर्थियों की श्रेणी के आधार पर हुई चयन प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितता सामने आई है. ओबीसी वर्ग की 18598 आरक्षित सीटों में से 5844 सीटें अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को दे दी गईं हैं. हालांकि आयोग ने साफ किया है कि यदि कोई भी पक्ष इस रिपोर्ट के तथ्यों में संशोधन की मांग करता है तो उन्हें 15 दिन का मौका दिया जाएगा लेकिन उसके बाद इस रिपोर्ट को अंतिम समझा जाएगा.

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बताते चलें कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े स्तर पर हुई आरक्षण के नियमों में गड़बड़ी की शिकायत को लेकर विरोध जताते हुए ओबीसी और एससी वर्ग के कई अभ्यर्थियों की तरफ से राष्ट्रपति और राज्यपाल को इच्छा मृत्यु की मांग करते हुए पत्र भी लिखा जा चुका है. इस पत्र में एससी और ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों ने लिखा था कि उनके साथ खिलवाड़ किया गया है. 

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