यूपी चुनाव में सिर्फ दावे से सीट नहीं देगी BJP, जीत का गणित भी बताना होगा

Smart News Team, Last updated: Mon, 23rd Aug 2021, 10:41 PM IST
  • उत्तर प्रदेश में आगामी 2022 चुनावों को लेकर बीजेपी ने अपने सहयोगी दलों को सीटों की दावेदारी के लिए तैयारी करने के निर्देश दिए हैं. बीजेपी सहयोगी दलों को यूपी चुनाव में सीटों लिए जातीय गणित और जिताऊ उम्मीदवारों की सूची बनानी होगी.
यूपी चुनाव में भाजपा देगी सहयोगी दलों को जीत के गणित के आधार पर सीट देगी. (फाइल फोटो)

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आगामी यूपी चुनावों के लिए भाजपा ने अपने सहयोगी दलों के लिए सीट बंटवारे के लिए शर्ते रखी हैं. भाजपा यूपी में सहयोगी दलों को जातीय गणित और जिताऊ उम्मीदवारों के आधार पर ही सीटें देगी. यूपी में भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी और अपना दल को अपने प्रभुत्व वाली सीटों की एक सूची बनानी होगी. उत्तर प्रदेश में भाजपा के सहयोगी दल निषाद पार्टी और अपना दल को प्रत्याशी की सूची बनानी होगी. इन सूचियों पर भाजपा आलाकमान अंतिम फैसला करेंगे. बीजेपी ने साफ़ कर दिया है की सीटों की मनमानी नहीं बल्कि जातीय और जीत के आधार पर सीटों का बंटवारा होगा.

निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ संजय निषाद ने दिल्ली में भाजपा के आला नेताओं से मुलाकात की है. मुलाकात में यूपी चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चा की गई. डॉ संजय निषाद ने बताया है की भाजपा ननेतृत्व ने अपनी विधानसभाओं में चुनाव की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही कहा है की सहयोगी दलों की जिन क्षेत्रों में मजबूती है वहां दलों को तय करना है की अपने सिंबल पर चुनाव लड़ना है या भाजपा के सिंबल पर. इसके साथ ही हमारी निषाद पार्टी ने निषाद बाहुल्य 70 विधानसभा सीटों की सूची तैयार की है. इनमे कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर भाजपा के प्रत्यशी मजबूत हैं लेकिन निषाद पार्टी अपने प्रत्याशी और पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ना चाहती है.

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एनडीए सहयोगी अपना दल ने भी पार्टी के प्रभुत्व वाली सीटों की सूची बनाना शुरू कर दी है. अपना दल ने कुर्मी समाज के प्रभाव वाली 147 सीटों की सूची तैयार की है. अपना दल का प्रभाव पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अवध के क्षेत्रों में देखा जाता है. अपना दल ऐसे क्षेत्रों में सीट पर दावेदारी करेगा जहां पर कुर्मी समाज का प्रभाव है. जाहिर है की आगामी चुनाव में भाजपा के सामने कई तरह की चुनौती है. इस लिए भाजपा ने चुनाव में सीटों को लेकर कसरत करनी शुरू कर दी है. भाजपा का अपने सहयोगी दलों को साफ संदेश है की चुनावी समीकरणों के फिट बैठने पर ही सीटें दी जाएगी.

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