यूपी चुनाव: सपा ने EC से की ओपिनियन पोल पर रोक लगाने की मांग, कहा- आचार संहिता का उल्लंघन

Swati Gautam, Last updated: Sun, 23rd Jan 2022, 9:32 PM IST
  • उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के चलते टीवी पर चल रहे ओपिनियन पोल पर आपत्ति जताते हुए समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है और तत्काल ओपिनियन पोल पर रोक लगाने की मांग की है.
समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग से की ओपिनियन पोल पर रोक लगाने की मांग (फाइल फोटो)

लखनऊ. उत्तर प्रदेश समेत देश के 5 राज्यों में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में इन दिनों टीवी चैनलों पर यूपी चुनाव को लेकर लगातार सर्वे और ओपिनियन पोल किए जा रहे हैं जिसमें भाजपा को प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाते हुए दिखाया जा रहा है. हालांकि, सर्वे में सपा की स्थिति भी लगातार मजबूत होती हुई नजर आ रही है लेकिन समाजवादी पार्टी ने इन ओपिनियन पोल पर आपत्ति जताई है. समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है जिसमें टीवी पर चल रहे ओपिनियन पोल पर आपत्ति जताते हुए उन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है.

इससे पहले बसपा ने भी की थी ओपिनियन पोल पर रोक लगाने की मांग

सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि ये ओपिनियन पोल चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. इससे वोटर्स भ्रमित हो रहे हैं. सपा प्रदेश अध्यक्ष ने चुनाव आयोग से कहा है कि न्यूज चैनलों द्वारा ओपिनियन पोल दिखाना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. मालूम हो कि इससे पहले अक्टूबर 2021 में, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 11 पन्नों के पत्र में चुनाव आयोग से छह महीने के लिए जनमत सर्वेक्षणों पर प्रतिबंध लगाने की याचिका दायर की थी. बसपा ने ऐसे सर्वेक्षणों को प्रायोजित (स्पॉन्सर्ड) भी कहा था.

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नरेश उत्तम पटेल ने पत्र में कही ये बात

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को लिखे पत्र में कहा कि “यूपी विधानसभा के आम चुनाव की तारीखों की घोषणा 8 जनवरी को की गई थी और पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल किया गया था. राज्य में सात चरणों में मतदान होने जा रहा है, जिसके लिए मतदान की अंतिम तिथि 7 मार्च है. मतों की गिनती 10 मार्च को की जाएगी. कई टेलीविजन समाचार चैनल जनमत सर्वेक्षण (ओपिनियन पोल) चला रहे हैं जो भ्रामक हैं. मतदाता(वोटर्स) और चुनाव प्रभावित हो रहे हैं. साथ ही, यह चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन भी है. इसलिए स्वतंत्र, निष्पक्ष, निडर चुनावों के लिए इन पर प्रतिबंधित लगाना आवश्यक है”.

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अब्दुल हाफिज गांधी ने भी सर्वे पर रोक की मांग

सपा प्रवक्ता अब्दुल हाफिज गांधी ने भी इस संबंध में बयान देते हुए कहा कि चुनाव कराने का क्या मतलब है अगर टीवी चैनल इस तरह के फैसले जारी कर रहे हैं जो मतदाताओं की मानसिकता को प्रभावित कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि टीवी पर प्रसारित होने वाले ओपिनियन पोल और सर्वे पर प्रतिबंधित लगाना आवश्यक है.

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