UP विधानसभा चुनाव 2022: सपा और रलोद के बीच नहीं सुलझ रहा सीट बंटवारे का पेंच

Somya Sri, Last updated: Mon, 6th Dec 2021, 7:25 AM IST
  • यूपी विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर सपा और रालोद के बीच हुई गठबंधन के बाद सीट शेयरिंग पर बात नहीं बन पा रही है. कृषि कानून विरोधी रैलियों में अपना दमखम दिखाने वाले रालोद को पश्चिमी यूपी के खास प्रभाव वाले जिलों में और सीट चाहिए. लेकिन सपा अपनी पश्चिमी यूपी में अपनी मौजूदगी भी बनाए रखना चाहती है. अब 7 दिसंबर को रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी मेरठ में रैली करने जा रहे है. जिसमें समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी शामिल हो सकते है. सूत्रों के मुताबिक रैली के बाद दोनों दलों के बीच दोबारा सीटों के बंटवारे पर बातचीत हो सकती है.
रालोद प्रमुख जयंत चौधरी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (फाइल फोटो)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है. ऐसे में सभी राजनीतिक दल चुनाव को लेकर रणनीति भी तैयार कर रहे हैं. कुछ ऐसी ही रणनीति सपा प्रमुख अखिलेश यादव और रालोद प्रमुख जयंत सिंह चौधरी के बीच भी हुई- सीट बंटवारे को लेकर. लेकिन, दोनों ही पार्टी के बीच गठबंधन के बाद और सीट बंटवारे पर सहमति होने के बाद भी सीट शेयरिंग का पेंच सुलझता नजर नहीं आ रहा है.

रालोद को पश्चिमी यूपी में चाहिए और सीट

बताया जा रहा है कि कृषि कानून विरोधी रैलियों में अपना दमखम दिखाने वाले रालोद को पश्चिमी यूपी के खास प्रभाव वाले जिलों में और सीट चाहिए. लेकिन सपा अपनी पश्चिमी यूपी में अपनी मौजूदगी भी बनाए रखना चाहती है. सपा का कहना है कि सभी जिलों में दोनों दलों के प्रत्याशी रहेंगे तो वोटों को एकजुट रखा जा सकेगा. उनका कहना है कि जब दोनों दलों के चुनाव चिह्न एक साथ दिखेंगे तो इसमें उन दोनो का ही लाभ है.

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मेरठ में 7 दिसम्बर को संयुक्त रैली

बता दें कि अब 7 दिसंबर को रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी मेरठ में रैली करने जा रहे है. जिसमें समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी शामिल हो सकते है. जिसकी पुष्टि सपा नेता अतुल प्रधान ने की थी. उनके अनुसार दोनो नेता एक साथ मंच साझा करते हुए दिखाई दे सकते है. वहीं नेता अतुल प्रधान ने भी साफ कर दिया था कि दोनों दलों की गठबंधन की संयुक्त रैली होगी. जिसे उन्होंने पश्चिम यूपी का सबसे बड़ी रैली भी बताई थी. सूत्रों के मुताबिक रैली के बाद दोनों दलों के बीच दोबारा सीटों के बंटवारे पर बातचीत हो सकती है.

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मालूम हो कि हाल ही में अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के बीच घंटो बातचीत चली थी. जिसके बाद अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी के साथ हाथ मिलाते तस्वीर भी साझा की थी. इस दौरान उनके बीच सीट बंटवारे को लेकर सहमति बन गयी थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रालोद को विधानसभा की 36 सीटें देने पर सहमति बनने की बात सामने आई थी. जिसमें जयंत 30 सीटों पर रालोद और छह सीटों पर सपा के सिंबल पर उम्मीदवार उतारेंगे. हालांकि अब खबर है कि रालोद इस सीट शेयरिंग से संतुष्ट नहीं हैं.

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