UP चुनाव में जीत के लिए मंत्रिमंडल में जातीय समीकरण का दांव, जानें BJP का प्लान

Smart News Team, Last updated: Thu, 8th Jul 2021, 9:25 AM IST
  • भाजपा ने मिशन 2022 के लिए रणनीति तैयार कर ली है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में जातियों का समीकरण करके दांव खेला है. यूपी चुनाव में जातियों में संतुलन बैठाकर बहुमत हासिल करने का प्रयास किया जाएगा. 
मोदी मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल में भाजपा ने जातीय समीकरण का दांव लगाया.

लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल विस्तार को राजनीतिक विश्लेषक जोड़ कर देख रहे हैं. यूपी से सात मंत्रियों के मंत्रिमंडल में शामिल होने को देखें तो पाएंगे बीजेपी का यूपी विधानसभा मिशन 2022 की रणनीति साफ है. भाजपा एक बार फिर जातीय समीकरणों पर दांव चल सकती है. मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में तीन ओबीसी, तीन अनुसूचित जाति और एक ब्राह्मण सांसद को शामिल किया गया है. इससे साफ संकेत मिलता है कि यूपी चुनाव 2022 में जातियों में संतुलन बैठाकर भाजपा एक बार फिर बहुमत हासिल करने का प्लान बना चुकी है.

मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में इस बार संगठन में काम करने वालों को तरजीह दी गई है. केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए बदायूं के बीएल वर्मा लोध जाति से हैं. साथ ही वब काफी समय से भाजपा संगठनके साथ जुड़े रहे. एसपी सिंह बघेल भी आगरा सुरक्षित से सांसद हैं. वह कई बार सांसद रहे हैं और भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं. वह भी संगठन का हिस्सा रहे हैं. ओबीसी आरक्षण को लेकर लगातर उठती मांगों के बीच बीजेपी ने मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में तीन अनुसूचित जाति के सांसदों को शामिल किया है. 

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भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व ने अन्य पिछड़ा वर्ग के तीन सांसदों महाराजगंज से पंकज चौधरी, मिर्जापुर से अनुप्रिया पटेल और बीएल वर्मा को शामिल किया है. ब्राह्मण चेहरे के रूप में लखीमपुरखीरी से सांसद अजय कुमार को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके जरिए शाहजहांपुर और आसपास के इलाकों के ब्राह्मणों को साधने का प्रयास किया जाएगा.

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