मोबाइल फोन के निर्यात में यूपी बना नंबर वन राज्य, सिर्फ तीन साल में 25 गुना बढ़ा

Smart News Team, Last updated: 22/02/2021 01:47 PM IST
  • मोबाइल फोन निर्यात के क्षेत्र में सिर्फ 36 महीनों में ही 25 गुना बढ़त हुई है. जिससे यूपी इस क्षेत्र में नंबर वन राज्य बन गया है. इसके साथ ही देशभर में मोबाइल फोन निर्यात का लगभग 60 फीसदी हिस्सा यूपी के पास है.
मोबाइल फोन के निर्यात में यूपी ने रचा इतिहास.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश मोबाइल फोन निर्यात के क्षेत्र में नंबर वन राज्य बन गया है. डायरेक्टर जनरल ऑफ कॉमर्स इंटेलिजेंस एंड स्टैटिस्टिक्स की रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ तीन सालों में यूपी से मोबाइल फोन का निर्यात 25 गुना बढ़ गया है. यह 775 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 20 हजार करोड़ रुपये हो गया है. इसी के साथ उत्तर प्रदेश ने मोबाइल फोन के निर्यात में इतिहास रच दिया है. इसके साथ ही पूरे देश में होने वाले कुल मोबाइल फोन निर्यात का लगभग 60 फीसदी हिस्सा यूपी के पास है.

उत्तर प्रदेश की इस उपलब्धि पर फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के मुख्य सलाहकार वाईएस गर्ग का कहना है कि सिंगल विंडो सिस्टम एवं नई ओद्योगिक नीति के कारण यह कारनामा संभव हुआ है. मोबाइल फोन निर्यात के क्षेत्र में देश के शीर्ष राज्यों में यूपी के बाद दिल्ली आता है. जहां से 3464 करोड़ मोबाइल एक्सपोर्ट किये जाते है.  

शबनम की फांसी पर बोले अयोध्या के महंत, 'फांसी हुई तो आपदाओं को मिलेगा न्यौता'

वहीं दिल्ली के बाद कर्नाटक 2974 करोड़ मोबाइल फोन एक्सपोर्ट करने के साथ तीसरे स्थान पर है. इसके अलावा चौथे स्थान पर महाराष्ट्र आता है जहां से 2962 करोड़ मोबाइल निर्यात होते है. इसके बाद तमिलनाडु, गोवा और कर्नाटक का नंबर आता है. जहां से क्रमश: 2772 करोड़, 777 करोड़ और 530 करोड़ मोबाइल फोन का निर्यात किया जाता है. 

Fit India Movement के लिए BJP नेता साइकिल चलाकर पहुंचे विधानसभा, देखें Video

इन आंकड़ों से यह बात साफ है कि इस क्षेत्र में यूपी की बराबरी छह राज्य मिलकर भी नहीं कर पा रहे है. यूपी अकेले ही भारत के लगभग 60 फीसदी मोबाइल का निर्यात कर रहा है और शेष अन्य राज्य मिलकर बाकी के 40 फीसदी हिस्से का निर्यात कर रहे है. पहले मोबाइल फोन निर्यात के क्षेत्र में महाराष्ट्र सबसे आगे था. लेकिन अब ये स्थान कम समय में ही यूपी ने हासिल कर लिया है. 

10 रुपए की RTI से ढूंढ निकाली 50 करोड़ से अधिक की पुश्तैनी संपत्ति 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें