यूपी पंचायत चुनाव: नई आरक्षण लिस्ट का इंतजार, आगे बढ़ सकते हैं यूपी बोर्ड एग्जाम

Smart News Team, Last updated: Tue, 16th Mar 2021, 7:17 PM IST
  • नए तरीके से पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची तैयार करेगा. ऐसी स्थिति में पंचायत चुनाव में देरी होने की संभावना है. यूपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं परीक्षाएं 24 अप्रैल से 12 मई के बीच में पूर्वनिर्धारित की है. अगर पहले की तारीखों पर चुनाव संभव नहीं होता है तो बोर्ड को परीक्षा तारीखों में बदलाव करना होगा.
यूपी पंचायत चुनाव: नई आरक्षण लिस्ट का इंतजार, आगे बढ़ सकता हैं यूपी बोर्ड एग्जाम

लखनऊ: यूपी पंचायत चुनाव के आरक्षण पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच के फैसले के बाद शासन अब नए तरीके से पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची तैयार करेगा. ऐसी स्थिति में पंचायत चुनाव में देरी होने की संभावना है. यूपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं परीक्षाएं 24 अप्रैल से 12 मई के बीच में पूर्वनिर्धारित की है. अगर पहले की तारीखों पर चुनाव संभव नहीं होता है तो बोर्ड को परीक्षा तारीखों में बदलाव करना होगा. हमारे संवादाता से बातचीत में उपमुख्यमंत्री डा० दिनेश शर्मा ने भी बोर्ड की परीक्षा के तारीखों में बदलाव की संभावना जताई.

उन्होंने कहा, 'अभी हमारी बोर्ड परीक्षा की तारीखें 24 अप्रैल से 12 मई ही हैं. पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट के आदेश का अध्ययन हो रहा है. एक बार दोबारा पंचायत चुनाव की तारीखें तय होने के बाद ही बोर्ड परीक्षा की तारीखों पर बात होगी.चूंकि एक ही स्कूल में परीक्षा केंद्र और पोलिंग बूथ दोनों होंगे ऐसी स्थिति में बोर्ड परीक्षा की तारीखों में बदलाव करने पर विचार हो सकता है.

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क्या है यूपी पंचायत चुनाव आरक्षण पर कोर्ट का फैसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पंचायत चुनाव आरक्षण की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के 11 फरवरी 2021 के शासनादेश को रद्द कर दिया है. आदेश में उच्च न्यायालय ने ने कहा है कि पंचायत चुनाव में आरक्षण का शासनादेश के प्रभाव में आने पर आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक हो जायेगी.

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हाईकोर्ट के लखनऊ बैंच अजय कुमार की दाखिल जनहित की याचिका पर सुनवाई करते हुए. न्यायमूर्ति रितुराज अवस्थी व न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया. याचिका में 11 फरवरी 2021 के शासनादेश को चुनौती दी गई थी, साथ ही आरक्षण लागू करने के रोटेशन के लिए वर्ष 1995 को आधार वर्ष मानने को मनमाना व अविधिक करार दिये जाने की बात कही गई थी.

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