UP कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा के बीमार ड्राइवर की ड्यूटी पर मौत, मंत्री को एयरपोर्ट ले जाते हुए तोड़ा दम

Deepakshi Sharma, Last updated: Mon, 6th Sep 2021, 8:11 AM IST
  • कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा के ड्राइवर अशोक वर्मा की हार्ट अटैक से मौत हो गई. जब वो मंत्री को एयरपोर्ट छोड़ने जा रहे थे तब उनकी तबीयत खराब हो गई थी. बीमारी रहने के बाद भी उन्हें ड्यूटी पर बुलाया गया. परिजन इस मामले को लेकर हंगामा करते हुए नजर आए है और मोटर इंचार्ज के खिलाफ केस दर्ज कराने की बात कर रहे हैं.
सिविल अस्पताल में अशोक वर्मा के परिजनों का हंगामा

लखनऊ. कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा के ड्राइवर अशोक वर्मा की हार्ट अटैक से मौत हो गई. आमौसी एयरपोर्ट के पास उनकी हालत बिगड़ गई थी. निशातगंज के रहने वाले 58 साल के अशोक वर्मा की उस वक्त तबीयत खराब हुई जब वो मंत्री को छोड़ने जा रहे थे. दिल और शुगर से जुड़ी बीमारी से पीड़ित अशोक वर्मा की तबीयत खराब होने के बावजूद उन्हें ड्यूटी करने के लिए लगा दिया गया.

जब मंत्री को लेकर अशोक वर्मा एयरपोर्ट की ओर जो रहे थे उस वक्त उनकी रास्ते में तबीयत खराब हो गई. बाद में फिर दूसरे ड्राइवर को मंत्री के साथ भेजना पड़ा और अशोक वर्मा को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. ऐसे में अशोक वर्मा के परिजन हंगामा करते हुए ड्यूटी लगाने वाले मोटर इंचार्ज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग करते दिखे. ऐसे में एसीपी हजरतगंज ने परिवार वालों को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, लेकिन इसके बावजूद देर रात तक परिजनों का हंगामा चलता ही रहा.

मुजफ्फरनगर महापंचायत पर बोले CM योगी- किसान नहीं उनके नाम पर घूम रहे दलाल परेशान

अशोक वर्मा राज्य संपत्ति विभाग में ड्राइवर की नौकरी कर रहे थे. वही, कुछ वक्त से बीमारी चलने की वजह से वो छुट्टी पर थे. एक सितंबर को उन्होंने नौकरी ज्वाइन की थी. अशोक वर्मा के दामाद ने बताया कि रविवार को अशोक वर्मा की तबीयत खराब हो गई थी. ऐसे में उन्होंने मोटर इंचार्ज अंबरीश श्रीवास्तव को फोन करके छुट्टी मांगी. उन पर आरोप है कि छुट्टी तो उन्होंने दी नहीं बल्कि ड्यूटी पर नहीं आने पर सस्पेंड कराने तक की धमकी दे डाली. ऐसे में अशोक वर्मा मजबूरी में आकर नौकरी पर चले गए. जब वो मंत्री सुरेश राणा को एयरपोर्ट पर छोड़ने के लिए जा रहे थे तभी उनकी रास्ते में तबीयत ज्यादा खराब हो गई.

पेट्रोल डीजल 6 सितंबर का रेट: लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज में नहीं बढ़े दाम

ऐसे में विभाग की ओर से दूसरे ड्राइवर को मंत्री के साथ भेज दिया गया. बाद में अशोक वर्मा के साथी कर्मचारी रामशंकर उन्हें लेकर सिविल अस्पताल में पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. यहां परिवार के लोग मोटर इंचार्ज पर मुकदमा दर्ज होने पर ही शव ले जाने की जिद्द करते हुए देर रात तक अड़े रहे.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें