शहरों में शामिल गांवों को योगी सरकार से राहत, विकास होने तक नहीं देना होगा टैक्स

Smart News Team, Last updated: Tue, 17th Aug 2021, 8:11 AM IST
  • आगामी चुनाव को देखते हुए योगी सरकार ने कई वर्गों को बड़ी राहत दी है. सोमवार को आयोजित बैठक में शहरी सीमा से जुड़े गांव में बने मकानों को विकास होने तक टैक्स में छूट देने के साथ काफी समय से लंबित जल निगम के समायोजन को भी मंजूरी मिल गई है. वहीं, मृतक आश्रित लोगों की नौकरी का रास्ता भी अब साफ हो गया. 
सीएम योगी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया है कि शहरों में शामिल किए गांवों में विकास होने तक हाउस टैक्स नहीं लिया जाएगा.

लखनऊ. योगी सरकार ने शहरी सीमा से जुड़े गांवों को बड़ी राहत देने का फैसला लिया है. सोमवार को सीएम योगी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया है कि शहरों में शामिल किए गांवों में विकास होने तक हाउस टैक्स नहीं लिया जाएगा. इन इलाकों में टैक्स वसूली के संबंध में कोई नोटिस भी नहीं दिया जाएगा. इससे पहले शहरी सीमा में शामिल हुए गांवों में बने मकान, दुकान व अन्य प्रतिष्ठानों से निगम टैक्स लेने की तैयारी कर रहा था. जिस पर सरकार के इस फैसले से रोक लग गई. जल्द इस संबंध में नगर विकास विभाग शासनादेश जारी करेगा.

लाखों परिवारों को इस फैसले से मिलेगा सीधा फायदा

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि इन इलाकों में लाखों लोग मकान बनाकर रहते हैं. इस फैसले से उन सभी को सीधा फायदा मिलेगा. प्रदेश में करीब 9 नगर निगम की सीमों का विस्तार किया गया है. जिसमें जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ में 88 गांव, वाराणसी में 78, गोरखपुर में 31, प्रयागराज में 207, फिरोजाबाद में श्रीराम कॉलोनी और अयोध्या में 41 गांव शामिल किए गए हैं. साथ ही आगरा, शाहजहांपुर व मथुरा-वृंदावन, कोंच, खलीलाबाद, महराजगंज, जलालपुर, बेल्हा, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, हाथरस, मंझनपुर और सिसवा बाजार पालिका परिषद का सीमा विस्तार किया गया है. वहीं, प्रदेश में 56 नई नगर पंचायत बनाई गई हैं.

नहीं काटने होंगे बैंक के चक्कर,'बीसी सखी' घर पर ही मुहैया कराएगी सुविधा

निकायों में समायोजित होंगे जल निगम कर्मी

योगी कैबिनेट ने जल निगम के कर्मचारियों के समायोजन को लेकर बड़ा फैसला लिया है. जिसके अनुसार, अब जल निगम के 1238 कर्मचारियों को निकायों में समायोजित किया जाएगा. साथ ही मृतक आश्रित 263 कर्मचारियों को भी निकायों में समायोजित किया जाएगा. वहीं, अब जल निगम सिर्फ शहरी और जल शक्ति विभाग ग्रामीण इलाकों में काम करेगा. साथ ही सरकार ने यूपी प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेंसिक साइसेंस के संचालन के लिए सोसाइटी बनाने का भी फैसला लिया गया है.

विभागों के प्रमुख व प्रशासकीय विभागों की बढ़ी लागत सीमा

सरकार ने कैबिनेट बैठक में विभागों के वित्तीय अधिकार बढ़ाने का फैसला लिया है. सरकार ने विभागों के प्रमुख व प्रासकीय विभाग के लिए लागत सीमा बढ़ा दी है. इसके अनुसार, अब विभाग प्रमुख 1 लाख की बजाय 5 लाख और प्रशासकीय विभाग 2 लाख की बजाय 10 लाख तक के कार्य कर सकता है. यह बढ़ी सीमा विभागीय भवन बेचने या जर्जर भवन को गिरने के संबंध में है.

रक्षाबंधन पर बहनों को रेलवे का तोहफा, लखनऊ-दिल्ली समेत इन रूटों पर ट्रेन किराए में मिलेगी छूट

बजट प्रबंध अधिनियम संशोधन के प्रस्ताव को मिली मंजूरी

प्रदेश सरकार ने बजट प्रबंध अधिनियम संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस संशोधन के बाद सरकार आयोग की संस्तुतियों के अनुसार कर्ज ले सकेगी. जिसके अनुसार दर पहले साल 4 फीसदी और बाद के 3 तीन साल साढ़े तीन फीसदी रहेगी. साथ ही सरकार ने बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे व पूर्वांचल एक्सप्रेस परियोजना के निर्माणकर्ताओं को कोरोना के कारण राहत प्रदान करने का भी फैसला लिया है, वहीं, सरकार ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आठ फ्यूल स्टेशन खोलने का फैसला लिया है. जिसके लिए ऑयल कंपनियों से बात की जा रही है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें