UP प्राइमरी स्कूल में हैप्पीनेस पाठ्यक्रम लाने की तैयारी, शिक्षण व्यवस्था में आएगा बदलाव

MRITYUNJAY CHAUDHARY, Last updated: Tue, 14th Dec 2021, 10:33 PM IST
  • उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में यूपी सरकार हैप्पीनेस पाठ्यक्रम लाने की तैयारी कर रही है. जिसको लेकर शिक्षकों का प्रशिक्षण भी शुरू कर दोय गया है. कहा जा रहा है कि इस हैप्पीनेस पाठ्यक्रम के बाद शिक्षण व्यवस्था में बदलाव आएगा.
UP प्राइमरी स्कूल में हैप्पीनेस पाठ्यक्रम लाने की तैयारी, शिक्षण व्यवस्था में आएगा बदलाव

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की सरकारी स्कूल में हैप्पीनेस अनुभूति पाठ्यक्रम के क्रियान्वयन की कवायद शुरू हो गई है. इस हैप्पीनेस पाठ्यक्रम को शैक्षणिक सत्र 2022-23 से प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक के लिए शुरू किया जाएगा. वहीं इस पाठ्यक्रम को गोरखपुर समेत 16 जिलों में लागु करने की तैयारी की जा रही है.  जिसके लिए यूपी सरकार ने शिक्षकों का प्रशिक्षण भी शुरू कर दिया है. जो 13 से 18 दिसंबर तक राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान प्रयागराज में कार्यशाला का आयोजन किया गया है.

बताया जा रहा है कि यह पाठ्यक्रम शैक्षिक क्षेत्र से जुड़े हुए अन्य लोगों के लिए महत्वपूर्ण होगा. इस पाठ्यक्रम को विकर्षित करने के लिए दिल्ली हैप्पीनेस कार्यक्रम के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले गोरखपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय चिलबिलवा पिपराइच के शिक्षक श्रवण कुमार शुक्ला अहम भूमिका होगी. जिनका साथ गोरखपुर डायट से जयप्रकाश ओझा, प्रयागराज के पवन श्रीवास्तव और उत्तराखंड के मदन पांडेय देंगे.

दिल्ली-लखनऊ विस्तारा फ्लाइट से टकराया पक्षी, 148 यात्री सवार, हुई सेफ लैंडिंग

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हैप्पीनेस पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए इसके कार्यान्वयन की आवश्यकता पर विचार किया जाएगा. इसके पुरे पाठ्यक्रम और पुस्तकों को पांच मूल्यों (सम्मान, विश्वास, स्नेह, देखभाल और कृतज्ञता) पर केंद्रित विकसित किया जाएगा. इसपर एक शिक्षक ने कहा कि इसमें कार्यशाला शिक्षाशास्त्र, गतिविधियों, कहानियों और चिंतनशील प्रश्नों और आत्म-अभिव्यक्ति पर ज्यादा जोर दिया जाएगा.  उन्होंने आगे बताया कि हैप्पीनेस पाठ्यक्रम से खालीपन से खालीपन को दूर किया जा सकता है. जब तक शिक्षक पूरी तरह से बच्चों से नहीं जुड़ेंगे तब तक सिखने और सिखाने कि प्रक्रिया में सही से संचालित नहीं हो सकेगी.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें