केन्द्र सरकार की तरह UP सरकार पेश करेगी पेपरलेस बजट, विधायकों को दिए जाएंगे टैबलेट

Smart News Team, Last updated: 03/02/2021 07:57 PM IST
  • केन्द्र सरकार के बजट की तरह यूपी का बजट भी पेपरलेस होगा. सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी विधायकों को टैबलेट देने के निर्देश दिए. अनुमान है कि पेपरलेस बजट से 5 लाख रुपए की बचत होगी.
केन्द्र सरकार के आम बजट की तरह यूपी सरकार भी पेपरलेस बजट करेगी. प्रतीकात्मक तस्वीर

लखनऊ. केन्द्र सरकार के आम बजट 2021-22 की तरह इस बार यूपी में भी योगी सरकार पेपरलेस बजट पेश करेगी. इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के सत्र से पहले सभी विधायकों को टैबलेट देने का निर्देश दिया है. यूपी का बजट डिजिटल होने से और कागज की छपाई न होने से 5 लाख रुपए की बचत होने का अनुमान है. आपको बता दें कि 18 फरवरी से यूपी विधानसभा में बजट सत्र शुरू होगा.

केन्द्र सरकार के बजट पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्प मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गर्वनेंस से प्रेरित उत्तर प्रदेश कर ई-कैबिनेट व्यवस्था द्वारा कार्यों को संपादित करने में सुगमता और तेजी आएगी. सीएम ने कहा कि केन्द्रीय बजट की तरह राज्य के बजट को भी पेपरलेस करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.

CM योगी का निर्देश- हर मंडल में सैनिक स्कूल खोलने के लिए केन्द्र को भेजें प्रस्ताव

मिली जानकारी के अनुसार, सदन में बिना जांच के किसी को अंदर नहीं जाने दिया जाएगा. थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था भी होगी. सीटिंग प्लान में एक सीट छोड़कर बैठने की व्यवस्था की जाएगी. दर्शक दीर्घा में भी सदस्यों को बैठाया जाएगा. सदन में सभी सदस्यों के लिए मास्क लगाना अनिवार्य है. 

UP में मध्यवर्ग के लोगों को मिलेगा सस्ता घर, जानें बजट में सरकार ने क्या दी राहत

एक दूसरे ट्वीट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कल देश के इतिहास का पहला पेपरलेस बजट प्रस्तुत हुआ. जिसमें देश की पहली डिजिटल जनगणना की घोषणा हुई. उन्होंने कहा कि विभिन्न कार्यों के शीघ्र और पारदर्शी संपादन हेतु अब यूपी सरकार द्वारा ई-कैबिनेट की पेपरलेस व्यवस्था लागू की जाएगी. सीएम ने कहा, तकनीक से जुड़कर प्रगति पथ पर अग्रसर है नए भारत का नया उत्तर प्रदेश.

UP में संदिग्ध और नवनियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच का खर्चा उठाएगा विभाग

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ई-कैबिनेट लागू किए जाने से ई-गर्वनेंस और ई-ऑफिस व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी. कार्य में प्रगति, पारदर्शिता और समयबद्धता बढ़ेगी.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें