गांवों में स्पोर्ट्स को लेकर सरकार संवेदनशील, खेल के मैदान के लिए जमीन रिजर्व: CM

Smart News Team, Last updated: 23/02/2021 08:27 PM IST
  • यूपी विधान परिषद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सवाल के जवाब में कहा कि गांव में स्पोर्ट्स को लेकर सरकार संवेदनशील है. खेल के मैदान के लिए जमीन आरक्षित की गई है. उन्होंने कहा कि हजारों गांव में जमीन दी जा चुकी है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में एक सवाल के जवाब में खेल के मैदान पर सरकार की नीति बताई. प्रतीकात्मक तस्वीर

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधान परिषद में कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में खेल को लेकर संवेदनशील है. खेल के मैदान के लिए जमीन आरक्षित की गई है. हजारो गांव में खेल के मैदान के लिए जमीन दे दे दी गई है. दरअसल, विधान परिषद में प्रश्नकाल में सुरेश कुमार त्रिपाठी ने खेल और युवा कल्याण मंत्री से सवाल पूछा.

खेल और युवा कल्याण राज्यमंत्री उपेन्द्र तिवारी सही से जवाब नहीं दे पा रहे थे. जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सवाल सीधा, सरल और समसामयिक था तो जवाब भी उसी प्रकार से दिया जाना चाहिए था. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति रही है. हर गांव में खेल का एक मैदान जरूर हो और वो अगर स्कूल के पास हो तो अति उत्तम.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जहां स्कूल के पास जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां एक्सचेंज के आधार पर स्कूल के पास मैदान उपलब्ध कराने के लिए हर डीएम को निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल को बढ़ावा देने के लिए युवा मंडल दल और महिला मंडल दल का गठन किया गया है. छात्रों और युवाओं को स्पोर्ट्स किट्स दिए जा रहे हैं.

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इससे पहले इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के दीपक सिंह ने कहा कि सरकार ने खेल के मैदान के नाम पर लूडो-शतरंज केन्द्र बनाए हैं. सपा के सुनील साजन ने कहा कि उन्नाव में उनके गांव हिलौली में ढाई करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद स्टेडियम अधूरा है, इसमें 98 लाख रुपए का भ्रष्टाचार हुआ है. उन्होंने स्टेडियम को पूरा करने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है.

 

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