Hindustan Impact: यूपी पशुधन घोटाले में DIG दिनेश दूबे और अरविंद सेन सस्पेंड

Smart News Team, Last updated: Mon, 24th Aug 2020, 1:40 PM IST
  • लखनऊ के पशुघन घोटाले में नाम सामने आने के बाद डीआईजी रूल्स और मैनुअल दिनेश दुबे और डीआईजी पीएसी अरविंद सेन को सीेएम योगी आदित्यनाथ ने निलंबित कर दिया है. इसकी अवनीश अवस्थी अपर मुख्य सचिव गृह ने पुष्टि की है. ये हिन्दुस्तान में छपी खबर का असर है. इसी के बाद संज्ञान लेते हुए डीआईजी पर कार्रवाई की गई.
लखनऊ: पशुधन घोटाले में सीएम योगी ने किए डीआईजी रूल्स और डीआईजी पीएसी निलंबित

लखनऊ. हिन्दुस्तान में छपी खबर का असर हुआ कि पशुघन घोटाले में नाम सामने आने के बाद डीआईजी रूल्स और मैनुअल दिनेश दुबे और डीआईजी पीएसी अरविंद सेन को सीेएम योगी आदित्यनाथ ने निलंबित कर दिया है. इसकी अवनीश अवस्थी अपर मुख्य सचिव गृह ने पुष्टि की है. पशुपालन विभाग में हुए फर्जीवाड़े के आरोपियों में शामिल चार लोगों ने पांच जिलों में करोड़ों के टेंडर अपने परिचितों को दिलाने के लिये एक आईपीएस अधिकारी के साथ डील की थी. 

इस डील में लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, कौशाम्बी व बरेली में काम के ठेके थे. इनमें सबसे बड़ा टेंडर बरेली और कौशाम्बी में बस अड्डे के निर्माण, लखनऊ में दिव्यांगों के लिये भवन और कस्तूरबा गांधी विद्यालय के छात्रावास से जुड़े थे.  पशुधन राज्यमंत्री जय प्रकाश निषाद के निजी प्रधान सचिव रजनीश दीक्षित, निजी सचिव धीरज कुमार देव, इलेक्ट्रानिक न्यूज चैनल के पत्रकार आशीष राय, अनिल राय, कथित पत्रकार एके राजीव, रूपक राय व उमाशंकर के खिलाफ जांच शुरू हुई थी. 

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इन लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी जोड़ रही एसटीएफ को इन पांच जिलों के ठेके के बारे में कुछ सुबूत हाथ लगे. सामने आया कि ठेका दिलाने के लिये एक आईपीएस भी लगातार इन आरोपियों के सम्पर्क में रहे. इन लोगों की एक रिकार्डिंग भी एसटीएफ के पास है. पता किया गया कि यह डील कैसे हुई. इसमें कौन और लोगों की भूमिका रही? क्या ठेका दिला भी दिया गया अथवा पशुपालन फर्जीवाड़ा की तरह ही ठेकेदारों को ठगा गया. हालांकि एक अधिकारी का कहना था कि दो ठेकों का टेंडर पास करा लिया गया था. इसके बदले कमीशन मिला और उसकी बंदरबांट भी की गई.

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